Thugs of Hindostan Katrina Kaif Look Motion Poster Released

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

मंगलवार को हनुमान जी का दिन माना जाता है। हिंदू धर्म में मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का विशेष प्रावधान बताया जाता है। शास्त्रों में हनुमान जी के कुछ नाम बताये हैं, जिनका जाप करने करने से व्यक्ति का हर बिगड़ा हुआ काम बन जाता है।

हनुमान

पौराणिक कथाओं के अनुसार इंद्रदेव ने जब हनुमान जी की ठोढ़ी पर अपने वज्र से प्रहार किया था तो उनकी ठोढ़ी टूट गई थी। ठोढ़ी को संस्कृत में हनु कहा जाता है जिसका बाद इनका नाम हनुमान पड़ गया।

अंजनिसुत

हनुमान जी की मां का नाम माता अंजनि था इसलिए उन्हें अंजनिसुत भी कहा जाता है।

वायुपुत्र

भगवान वायुदेव के आशिर्वाद से हनुमान जी ने माता अंजनि के पेट से जन्म लिया था इसलिए उन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है।

महाबल

हनुमान जी को अतिबलशाली होने का वरदान प्राप्त है।  इसके साथ ही वे शक्ति के देवता भी माने जाते हैं। इसलिए उन्हें महाबल भी कहा जाता है।

रामेष्ट

हनुमान जी को प्रभु राम का अत्यंत प्रिय भक्त माना जाता है। इसलिए हनुमान जी को रामेष्ट भी कहा जाता है।

 

फाल्गुनसखा

हनुमान जी को अर्जुन का मित्र भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं या किवदंतियों के अनुसार महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ के ध्वज में स्वयं हनुमान जी विराजमान थे जिसके कारण अर्जुन का रथ पूरी तरह से सुरक्षित था।

उदधिक्रमणाय

सभी जानते हैं कि हनुमान जी के सिर्फ एक ही छलांग में लंका के किनारे स्थित समुद्र को पार कर गये थे। इस तरह से उन्होंने समुद्र पर अतिक्रमण कर लिया था। इसलिए उन्हें इस नाम से भी जाना जाता है।

सीताशोक विनाशक

लंका में रावण जब माता सीता का अपहरण करके ले गया था, तो हनुमान जी ने ही लंका जाकर सीता जी को भगवान राम की अंगूठी देकर उनके शोक का नाश किया था इसलिए उन्हें सीताशोक विनाशक भी कहा जाता है।

 

अमितविक्रमाय

हनुमान जी को अत्यधिक बल का स्वामी और प्रदाता कहा जाता है इसलिए उन्हें अमित विक्रमाय कहा जाता है।

पिंगाछाय

भूरी आंखों के होने के कारण हनुमान जी को पिंगाछाय भी कहा जाता है।

लक्ष्मण प्राणदाता

मेघनाद ने जब लक्ष्मण जी के ऊपर अमोघशक्ति का प्रहार करके उन्हें मूर्छित कर दिया था तो उस समय हनुमान जी ने ही संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा की थी इसलिए उन्हें लक्ष्मण प्राणदाता भी कहा जाता है।

दशग्रीवदर्पहा

दश सिरों वाले रावण का अहंकार का नाश करने के कारण हनुमान जी को दशग्रीवदर्पहा के नाम से जाना जाता है।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement