Home Gyan Ganga Lord Krishan And His Wives

AAP के 20 विधायकों की सदस्यता खत्म, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

गुरुग्राम: फिल्म पद्मावत के खिलाफ करणी सेना का विरोध प्रदर्शन

सहारनपुर: तीनों सिपाहियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

CPI(M) की बैठक में जबर्दस्त हंगामा, कांग्रेस से गठबंधन पर विवाद

हम पड़ोसी पाक से अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन वो हरकतें नहीं रोकता: राजनाथ सिंह

श्री कृष्ण और उनकी पत्नियों से जुड़े कुछ तथ्य...

Gyan Ganga | 25-Sep-2017 | Posted by - Admin

   
Lord Krishan and His Wives

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

महाभारत तथा अन्य शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की 8 पटरानियां एवं 16,100 रानियां थीं। विद्वानों के अनुसार कृष्ण की प्रमुख रानियां तो आठ ही थीं, शेष 16,100 रानियां प्रतीकात्मक थीं। आज हम आपको भगवान श्री कृष्ण की पटरानियां के बारे में बतायेंगेश्री कृष्ण की 8 पत्नियां थी। प्रत्येक पत्नी से उन्हें 10 पुत्रों की प्राप्ति हुई थी इस तरह से उनके 80 पुत्र थे।

रुक्मणी
महाभारत के अनुसार कृष्ण ने रुक्मणि का हरण कर उनसे विवाह किया था। विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणि भगवान कृष्ण से प्रेम करती थी और उनसे विवाह करना चाहती थी। रुक्मणि के पांच भाई थे- रुक्म, रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेस तथा रुक्ममाली। रुक्मणि सर्वगुण संपन्न तथा अति सुन्दरी थी। उसके माता-पिता उसका विवाह कृष्ण के साथ करना चाहते थे किंतु रुक्म चाहता था कि उसकी बहन का विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ हो। यह कारण था कि कृष्ण को रुक्मणि का हरण कर उनसे विवाह करना पड़ा।

रूक्मिणी के पुत्रों के ये नाम थे- प्रद्युम्न, चारूदेष्ण, सुदेष्ण, चारूदेह, सुचारू, विचारू, चारू, चरूगुप्त, भद्रचारू, चारूचंद्र।

सत्यभामा
सत्यभामा, सत्राजीत की पुत्री थी, सत्राजीत को शक्तिसेन के नाम से भी जानते है। सत्यभामा के पुत्रों के नाम थे- भानु, सुभानु, स्वरभानु, प्रभानु, भानुमान, चंद्रभानु, वृहद्भानु, अतिभानु, श्रीभानु और प्रतिभानु।

सत्या
सत्या राजा कौशल की पुत्री थी। सत्या के बेटों के नाम ये थे- वीर, अश्वसेन, चंद्र, चित्रगु, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और कुंत।

जाम्बवंती
जाम्बवंती, निषाद राज जाम्बवन की पुत्री थी। जाम्बवान उन गिने चुने पौराणिक पात्रों में से एक है जो रामायण और महाभारत दोनों समय उपस्तिथ थे। जाम्बवंती के पुत्र ये थे- साम्ब, सुमित्र, पुरूजित, शतजित, सहस्रजित, विजय, चित्रकेतु, वसुमान, द्रविड़ व क्रतु।

कालिंदी
कृष्ण की पत्नी कालिंदी, खांडव वन की रहने वाली थी। यही पर पांडवो का इंद्रप्रस्थ बना था। कालिंदी के पुत्रों के नाम ये थे- श्रुत, कवि, वृष, वीर, सुबाहु, भद्र, शांति, दर्श, पूर्णमास एवं सोमक।

लक्ष्मणा
मद्र कन्या लक्ष्मणा, वृहत्सेना की पुत्री थी। लक्ष्मणा के पुत्रों के नाम थे- प्रघोष, गात्रवान, सिंह, बल, प्रबल, ऊध्र्वग, महाशक्ति, सह, ओज एवं अपराजित।

मित्रविंदा
मित्रविंदा, अवन्तिका की राजकुमारी थी। मित्रविंदा के पुत्रों के नाम – वृक, हर्ष, अनिल, गृध, वर्धन, अन्नाद, महांश, पावन, वहिन तथा क्षुधि।

भद्रा
कृष्ण की अंतिम पत्नी, भद्रा केकय कन्या थी। भद्रा के पुत्र – संग्रामजित, वृहत्सेन, शूर, प्रहरण, अरिजित, जय, सुभद्र, वाम, आयु और सत्यक।

 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555







Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news