Home Gyan Ganga Get Inspiration By The Life Of Lord Buddha

PNB महाघोटाला: देश के 15 शहरों में 45 ठिकानों पर ED की छापेमारी

सुकमा एनकाउंटर: नक्सलियों ने की रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर की हत्या

सनातन धर्म को लोग हिन्दू धर्म कहते हैं, यह हमसे चिपक गया है: मोहन भागवत

छत्तीसगढ़: सुकमा में नक्सलियों से मुठभेड़ में 6 सुरक्षाकर्मी घायल

PNB घोटाला: दिल्ली के साकेत मॉल, वसंतकुंज और रोहिणी में ED की छापेमारी

भगवान बुद्ध के जीवन से प्रेरणा लीजिए

Gyan Ganga | 23-Aug-2017 | Posted by - Admin

   
Get Inspiration by the Life of Lord Buddha

दि राइजिंग न्यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

आज हम आपको बताते हैं भगवान बुद्ध से जुड़ी तीन प्रेरणादायी कहानियां जो आपका जीवन बदल देंगी।

 

 

जिसकी जैसी भावना

एक बार बुद्ध कहीं प्रवचन दे रहे थे। अपने प्रवचन ख़त्म करते हुए उन्होंने आखिर में कहा, जागो, समय हाथ से निकला जा रहा है। सभा विसर्जित होने के बाद उन्होंने अपने प्रिय शिष्य आनंद से कहा, चलो थोड़ी दूर घूम कर आते हैं। आनंद बुद्ध के साथ चल दिए। अभी वे विहार के मुख्य दरवाजे तक ही पहुंचे थे कि एक किनारे रुक कर खड़े हो गए।

प्रवचन सुनने आए लोग एक-एक कर बाहर निकल रहे थे। इसलिए भीड़ सी हो गई थी। अचानक उसमें से निकल कर एक स्त्री गौतम बुद्ध से मिलने आई। उसने कहा तथागत मैं नर्तकी हूं। आज नगर सेठ के घर मेरे नृत्य का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन मैं उसके बारे में भूल चुकी थी। आपने कहा, समय निकला जा रहा है तो मुझे तुरंत इस बात की याद आई।

 

 

उसके बाद एक डकैत बुद्ध की ओर आया। उसने कहा, तथागत मैं आपसे कोई बात छिपाऊंगा नहीं। मैं भूल गया था कि आज मुझे एक जगह डाका डालने जाना था कि आज उपदेश सुनते ही मुझे अपनी योजना याद आ गई। बहुत-बहुत धन्यवाद!

उसके जाने के बाद धीरे-धीरे चलता हुआ एक बूढ़ा व्यक्ति बुद्ध के पास आया। वृद्ध ने कहा, जिन्दगी भर दुनियादारी की चीजों के पीछे भागता रहा। अब मौत का सामना करने का दिन नजदीक आता जा रहा है, तब मुझे लगता है कि सारी जिन्दगी यूं ही बेकार हो गई। आपकी बातों से आज मेरी आंखें खुल गईं। आज से मैं अपने सारे दुनियारी मोह छोड़कर निर्वाण के लिए कोशिश करना चाहता हूं।

 

 

जब सब लोग चले गए तो बुद्ध ने कहा, देखो आनंद! प्रवचन मैंने एक ही दिया, लेकिन उसका हर किसी ने अलग-अलग मतलब निकाला। जिसकी जितनी झोली होती है, उतना ही दान वह समेट पाता है। निर्वाण प्राप्ति के लिए भी मन की झोली को उसके लायक होना होता है। इसके लिए मन का शुद्ध होना बहुत जरूरी है।

 

 

बुद्ध और बच्चे

गौतम बुद्ध किसी बाग में विश्राम कर रहे थे। तभी बच्चों का एक झुंड आया और पेड़ पर पत्थर मारकर आम गिराने लगा। एक पत्थर बुद्ध के सर पर लगा और खून बहने लगा। बुद्ध की आंखों में आंसू आ गए। बच्चों ने देखा तो भयभीत हो गए। उन्हें लगा कि अब बुद्ध उन्हें भला बुरा कहेंगे।

 

बच्चों ने उनके चरण पकड़ लिए और उनसे क्षमा याचना करने लगे। उनमें से एक बच्चे ने कहा, हमसे बड़ी भूल हो गई है। मेरी वजह से आपको पत्थर लगा और आपके आंसू आ गए। इस पर बुद्ध ने कहा, बच्चों, मैं इसलिए दु:खी हूं कि तुमने आम के पेड़ पर पत्थर मारा तो पेड़ ने बदले में तुम्हे मीठे फल दिए, लेकिन मुझे मारने पर मैं तुम्हे सिर्फ डर दे सका।

 

 

बुद्ध का तर्क

एक बार बुद्ध से उनके एक शिष्य ने पूछा, भगवन आपने आज तक यह नहीं बताया कि मृत्यु के बाद क्या होता है। उसकी बात सुनकर बुद्ध मुस्कुराए, फिर उन्होंने उससे पूछा, पहले मेरी एक बात का जबाव दो। अगर कोई कहीं जा रहा हो और अचानक कहीं से आकर उसके शरीर में एक जहर भरा तीर लग जाए तो उसे क्या करना चाहिए। पहले शरीर में घुसे तीर को हटाना ठीक रहेगा या फिर देखना कि बाण किधर से आया है और किसे लक्ष्य कर मारा गया है।

शिष्य ने कहा, पहले तो शरीर में घुसे तीर को तुरंत निकालना चाहिए,नहीं तो जहर पूरे शरीर में फ़ैल जाएगा। बुद्ध ने कहा, बिल्कुल ठीक कहा तुमने, अब यह बताओ कि पहले इस जीवन के दु:खों के निवारण का उपाय किया जाए या मृत्यु की बाद की बातों के बारे में सोंचा जाए। शिष्य अब समझ चुका था और उसकी जिज्ञासा शांत हो गई।

 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555







TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll


https://www.therisingnews.com/slidenews-personality/a-day-with-doctor-sarvesh-tripathi-1668



Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news