Actress Neha Dhupia on Her Pregnancy

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

इटली के पीसा में झुकी हुई इमारत दुनिया का अजूबा जरूर है लेकिन एकलौता अजूबा नहीं है। जी हां, विश्‍व में कई अन्‍य इमारते भी हैं जो पीसा की मीनार की तरह ही झुकी हुई हैं। इसका कारण चाहे भूकंप हो, चाहे उस स्थान की सतह में कोई गड़बड़ी हो या फिर वातावरण का असर हो।  हालांकि आज की उन्नत तकनीक के कारण उनका संरक्षण असंभव नहीं रह गया है। अब तो खुद इंजीनियर और वास्तुकार भी इमारतों को अलग रूप देने के लिए उन्हें टेढ़ा-मेढ़ा, चक्राकार या झुका हुआ रूप देने लगे हैं। पीसा के अलावा दसियों ऐसी इमारतें हैं जो सीधी न हो कर किसी एक तरफ झुकी हुई हैं। वे पीसा जितनी ना सही पर अपने आप में अजूबा जरूर हैं।    

                 

विम्‍बलेश्‍वर मंदिर
हमारे अपने देश में भी इस तरह की एक इमारत है। जो ओडिशा राज्य के संबलपुर जिले से 23 कि मी. दूर गांव हुमा में महानदी के किनारे स्थित है। यह एक शिव मंदिर है जहां शिव जी का विम्बलेश्वर रूप स्थापित है। यह मंदिर एक  200 x 120 फिट के चबूतरे पर बना हुआ है। वर्षों पहले इसने अपनी नींव से उत्तर-पूर्व की और बहने वाली नदी की ओर झुकना शुरू किया था पर आश्चर्यजनक रूप से पिछले पचास सालों से यह स्थिर बना हुआ है। इसका झुकना और थमना अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। सबसे चमत्कृत करने वाली बात यह है कि उस परिसर की चीज झुकी हुई अवस्था में है पर जिधर मंदिर झुका है उसकी विपरीत दिशा में। फिर वह चाहे छोटे मंदिर हों या फिर चारदीवारी। यहां दूर-दूर से लोग आते हैं और मार्च के महीने में शिव-रात्रि पर भव्य मेला भी लगता है।   

Soyembika मीनार

ऐसी ही एक ईंटों से बनी मीनार है, रूस के कजान शहर में वोल्गा नदी के तट के पास जो पीसा की मीनार से भी दो मीटर ऊंची है। इसे Soyembika मीनार के नाम से जाना जाता है। छह मंजिला, 58 मीटर ऊंची यह इमारत करीब 1. 87 मीटर झुकी हुई है। समय के साथ कमजोर होती इस मीनार की नींव में पंपों के जरिए कंक्रीट भर कर इसे मजबूती प्रदान की गयी, जिससे इसके गिरने का खतरा टल गया। इसको रूसी जार इवान द टेरीबल ने अपनी प्रेमिका के लिए जल्दबाजी में तैयार करवाया था।

 

रूस का वाच टॉवर

रूस के ही NEVYANSK शहर में एक ऎसी इमारत है जो अपनी नींव से दाहिनी तरफ करीब सात फुट तक झुकी हुई है। 57. 6 मीटर ऊंची, सैंकड़ों टन के वजन वाली इस मीनार के झुकने का कारण इसके नीचे स्थित जल-परवाह को माना जाता है जिसके कारण इसकी नींव का छरण होने की वजह से यह एक और को झुक गयी। समय रहते इसको बचाने के प्रयासों के कारण इसे संरक्षित करना संभव हो पाया। इसे किस लिए बनाया गया था इसके बारे में तरह-तरह की अटकलें प्रचलित हैं। कोई इसे "वाच टॉवर" और कोई  कैदखाना बताता है। जो भी हो यह है अपने आप में  एक नमूना है।

 

Suurhusen Tower

झुकी हुई इमारतों की श्रेणी में सर्वोपरि है जर्मनी का एक चर्च जिसे Suurhusen Tower के नाम से जाना जाता है। गिनीज रेकार्ड के अनुसार तेरहवीं शताब्दी में बनी यह विश्व की सबसे ज्यादा झुकी हुई, 90 फिट ऊंची इमारत है जो अपनी नींव से करीब 5.19 डिग्री का कोण बना चुकी है। इसकी नींव लकड़ी से बनाई गयी थी जो जमीन की नम मिट्टी के कारण अपने भार को संतुलित न कर पाई और एक ओर झुकती चली गयी। स्थानीय निवासियों और इंजीनियरों की मेहनत से आज यह चर्च सर उठाए खड़ा है।    

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