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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

भारत जितना विविधताओं से भरा देश हैं उतनी ही प्राचीन, दुर्लभ और प्राचीन परंपराएं भारत में प्रचलित हैं। भारत के समृद्ध इतिहास में हम अनेकों ऐसी परंपराएं देख सकते हैं जो कि सामान्य से कुछ हटकर हैं लेकिन वे प्राचीन परंपराएं आज भी प्रासंगिक और प्रचलित हैं।

  • राजस्थान में एक जिप्सी जनजाति पाई जाती है जिनके यहां किसी की मौत को उत्सव और किसी बच्चे के जन्म को किसी विपत्ति की तरह मनाने की परंपरा मानी जाती है।
  • हिमाचल प्रदेश में एक मलाना नाम का प्राचीन गांव है जहां के लोग खुद को सिकंदर महान का वंशज मानते हैं और साथ ही वहां की स्थानीय अदालतीय प्रणाली भी प्राचीन ग्रीक प्रणाली के अनुसार ही कार्य करती है।
  • हिंदू धर्म में शादी के बाद शादीशुदा महिलाओं के पैरों में बिछिया पहनने का रिवाज है। ऐसी मान्यता है कि बिछिया महिलाओं के तंत्रिका तंत्र पर दबाव डालती है जिससे उनके प्रजनन तंत्र और स्वास्थ्य दोनों में एक संतुलन बना रहता है।
  • लगभग सभी लोग जानते हैं कि सांप दूध नहीं पीता है लेकिन फिर भी भारत में लोग अक्सर सांपों को दूध पीने के लिए देती हैं।
  • भारत के कुछ आदिवासी इलाकों में बच्चों की लंबी उम्र के लिए उन्हें छत से नीचे फेंकने की प्रथा है जिन्हें घर के वयस्क नीचे खड़े होकर पकड़ते हैं।
  • दक्षिण भारत में एक देवदासी प्रणाली प्रचलित थी जिसमें युवा लड़कियों को स्थानीय मंदिरों में समर्पित कर दिया जाता था जहां उनके कौमार्य की नीलामी की जाती थी।
  • साल 2004 के बाद से भारत में सिर्फ एक एकेले मतदाता के लिए मतदान केन्द्र बनाया गया है।
  • लोग यात्रा पर जाने से पहले गाड़ियों के पहियों के नीचे नींबू डालते हैं। उनका मानना है कि इससे उनकी यात्रा सुरक्षित और सफल होती है।
  • अघोर पंथ के साधुओं के लिए माना जाता है कि वो मनुष्य की अंत्येष्टि के बाद बचे हुए अवशेष को खाते हैं। वे गंदे लोगों में शुद्धता को खोजने के द्वारा दुनिया की मोहमाया से दूर हो जाने के लिए ऐसा करते हैं।
  • असम और महाराष्ट्र में मेढक और कर्नाटक में गधों की शादी इसलिए कराई जाती है क्योंकि उनका मानना है कि पशुओं के विवाह से वर्षा के देवता प्रसन्न होते हैं।

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