Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्यूज़

देहरादून।

 

वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में राजस्व का घाटा होने से उत्तराखंड जीएसटी सेवाओं पर हिस्सेदारी मांगेगा। इसके लिए जीएसटी लॉ कमेटी को प्रस्ताव भेजने की तैयारी चल रही है। जीएसटी से उत्तराखंड राज्य में टैक्स वसूली में करीब 80 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सारा टैक्स सीजीएसटी व आईजीएसटी के रूप में बाहर जा रहा है।

 

बता दें कि राज्य में हर साल चारधाम यात्रा पर बाहरी राज्यों से लाखों यात्री दर्शन के लिए आते हैं। दिल्ली से ही चारधाम के लिए टैक्सी की बुकिंग करते हैं। इन सेवाओं पर लगने वाले टैक्स का उत्तराखंड को कोई फायदा नहीं है। बल्कि जिस राज्य से टैक्सी की बुकिंग की जाती है, उस राज्य को ही टैक्स मिलता है। इसी तरह एडवेंचर टूर आने वाले पर्यटक भी बाहरी राज्यों की कंपनियों से पैकेज की बुकिंग करते हैं। उत्तराखंड में एडवेंचर करने के बाद वापस लौट जाते हैं। एडवेंचर टूर की बुकिंग पर लगने वाला टैक्स भी राज्य को नहीं मिल रहा है।

इसे देखते हुए हाल ही में उत्तराखंड के दौरे पर आए केंद्रीय वित्त एवं राजस्व सचिव हसमुख अडिया के सामने भी सरकार ने इस मामले को उठाया। केंद्रीय सचिव ने मामले को जीएसटी लॉ कमेटी के सामने रखने की सलाह दी। ऐसे में सरकार अब जीएसटी के अधीन आने वाली सेवाओं पर लगने वाले टैक्स में हिस्सेदारी की मांग करेगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है।

 

सौजन्या (आयुक्त, राज्य कर विभाग) ने बताया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले अधिकतर यात्री बाहरी राज्यों से ही टैक्सी की बुकिंग करते हैं। इसका उत्तराखंड को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। हमने केंद्रीय वित्त सचिव के सामने इस मामले को रखा है। जीएसटी लॉ कमेटी को भी जीएसटी सेवाओं पर लगने वाले टैक्स में उत्तराखंड को हिस्सेदारी देने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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