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दि राइजिंग न्यूज़

इंटरनेशनल डेस्क।

 

इजरायल की जेलों में बंद, हजारों फलस्तीनियों के परिवार, स्मगलिंग द्वारा लाए गए स्पर्म से गुजर बसर कर रहे हैं। यहां की जेल में करीब 6 से 7 हजार तक कैदी रह रहे हैं। इन्हें अपने परिवार से मिलने के लिए सिर्फ दो हफ्ते में एक बार 45 मिनट का वक्त मिलता है, वो भी सलाखों के पीछे से। इस छोटे से विजिट पीरियड में कई कैदी चोरी-छिपे वाइफ को अपना स्पर्म फर्टिलाइजेशन के लिए देते, ताकि वो फैमिली को आगे बढ़ा सकें। ताकि वो कभी अपने घर लौटें तो उनके लिए कोई इंतजार करने वाला तो हो।

किन केसेज में कैदी दे सकते हैं स्पर्म?

अप्रैल 2013 तक रिलीजियस अथॉरिटीज ने आइवीएफ को लेकर अपना पक्ष साफ नहीं किया था। समय के साथ चीजें बदलीं और अब ये प्रोसीजर कुछ खास मौकों पर मंजूर किया जाता है। 2013 में ही फलस्तीनी सुप्रीम फतवा काउंसिल ने पाबंदियों का पूरा ब्यौरा देते हुए कुछ कैदियों के लागू किया। ऐसे कैदी जो इसे लंबे समय के लिए जेल में बंद हैं या फिर जिनकी जेल जाने से कुछ दिन पहले ही शादी हुई हो। हालांकि, बाकी केसेज में चोरी-छिपे इसकी तस्करी अब भी हो रही है।

विटनेस देते हैं स्पर्म की कंफर्मेशन

कैदी का स्पर्म ले जाने के लिए पति-पत्नी के साथ ही उसके परिवार को काफी कागजी कार्रवाई करनी होती थी। साथ ही विटनेस की जरूरत होती थी, ताकि सैंपल के सही व्यक्ति के होने की कंफर्मेशन हो सके। काउंसिल के इस फैसले के चलते आज कई कैदियों के परिवार इसी के जरिए बसे हैं।

कैदियों की पत्नियों के लिए स्पेशल ऑफर

गाजा में फर्टिलिटी क्लीनिक्स तेजी से बढ़ी हैं और ये कैदियों की पत्नी के लिए फ्री ट्रीटमेंट ऑफर करते हैं। नैबलस की रजान फर्टिलिटी क्लीनिक और गाजा में अल बस्मा फर्टिलिटी क्लीनिक ने कई स्मगल किए हुए स्पर्म स्टोर किए हैं। पिछले चार सालों में IVF तकनीक के जरिए कैदियों के पत्नियों से करीब 40 बच्चे पैदा हुए हैं।

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