Rani Mukerji to Hoist the National flag at Melbourne Film Festival

दि राइजिंग न्यूज़

इंटरनेशनल डेस्क।

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने की घोषणा की है। इस मौके पर ट्रंप ने कहा, “पूर्व राष्ट्रपतियों ने इस बारे में अभियान चलाया, लेकिन इस वादे को पूरा करने में असफल रहे। आज मैं इस वादे को पूरा कर रहा हूं।”

 

ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन को इस बारे में निर्देश देते हुए कहा कि इजरायल के तेल अवीव स्थित अमेरिकी दूतावास येरूशलम ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। येरूशलम इस्लाम और ईसाईयों की श्रद्धा का केंद्र है। साथ ही यह इजरायल और अरब के बीच विवाद का भी केंद्र है।

बता दें कि फिलिस्तीन पूर्वी येरूशलम को अपनी राजधानी मानता है, जहां अल अक्सा मस्जिद स्थित है।

 

ट्रंप के फैसले के बाद 8 देशों ने बुलाई UNSC की बैठक

 

ट्रंप के इस फैसले से अरब जगत में खलबली मच गई है। ज्यादातर देशों को इस बात की आशंका है कि ट्रंप के फैसले के दुनिया में एक बड़ा विवाद छिड़ सकता है और विवाद एक बड़े युद्ध के रूप में पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले के बाद फ्रांस, मिस्र और ब्रिटेन सहित आठ देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।

 

फिलिस्तीन पर स्वतंत्र है भारत की नीति

 

येरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर अमेरिका द्वारा मान्यता देने के एक सवाल पर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत का रुख स्वतंत्र और समान है। भारत की नीति हमारे दृष्टिकोण और हितों से तय होती है। यह किसी देश के फैसलों से प्रभावित नहीं होती।

अलकायदा-IS ने दी तबाही फैलाने की धमकी

 

तेल अवीव स्थित अमेरिकी एंबेसी को येरूशलम ले जाने की अमेरिकी घोषणा के बाद अलकायदा और इस्लामिक स्टेट ने अमेरिका पर हमले की धमकी दी है।

 

आशंका इस बात है कि ट्रंप की घोषणा के बाद इस्लामिक चरमपंथियों और जेहादियों को दुनिया भर में अभियान छेड़ने का मौका मिल जाएगा। ऐसे में अलकायदा और आईएस की धमकी इस आशंका को बल देती है।

“जेहादियों के अभियान के लिए तैयार रहे दुनिया”

 

आतंक पर निगाह रखने वाली अमेरिका एजेंसी SITE इंटेल ग्रुप की निदेशक रीता काट्ज ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस धमकी को पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, “तेल अवीव स्थित अमेरिकी एंबेसी को येरूशलम ले जाने की अमेरिकी घोषणा को आतंकी समूह भुनाने की फिराक में हैं।” काट्ज ने चेताते हुए कहा कि दुनिया को इस मुद्दे पर आतंकियों की ओर से एक लंबे अभियान के लिए तैयार रहना चाहिए।

 

आइएस की प्रोपगेंडा प्रैक्टिस के तौर पर बहुत सारे आईएस समर्थकों ने धमकी भरे ग्राफिक्स अंग्रेजी, अरबी और हिब्रू में भाषाओं में पोस्ट की हैं। आतंकी संगठन अलकायदा ने मुसलमानों से ओसामा बिन लादेन और फिलिस्तीन नेताओं के बयान के साथ इस मुद्दे पर आगे आने की अपील की है।

इजरायल ने ट्रंप के फैसले का स्वागत किया

 

इस बीच इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का स्वागत किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश हमेशा के लिए इस फैसले का आभारी रहेगा।

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