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दि राइजिंग न्यूज़

इंटरनेशनल डेस्क।

 

दुनियाभर में ठंड का प्रकोप जारी है। पूरी दुनिय क्लाइमेट चेंज से जूझ रही है। अमेरिका बर्फीले तूफान से जूझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया 79 साल की सबसे भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। माइनस 73.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ अमेरिका का न्यू हैम्पशायर सबसे ठंडी जगह रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया में सबसे गर्म जगह रही सिडनी में 47.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। 1939 में 47.8 डिग्री तापमान दर्ज किया था।

ऑस्ट्रेलिया में एवरेज टेम्परेचर 50 डिग्री तक पहुंचेगा

ऑस्ट्रेलिया में जनवरी में औसत टेम्परेचर 27.5 डिग्री रहता है। 20 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। ग्लोबल वार्मिंग से 100 साल में धरती का पारा 1 डिग्री बढ़ गया है। इस वजह से गर्मी और सर्दी में अनुमान से हटकर बदलाव हो रहे हैं। 2000 से 2014 के बीच ऑस्ट्रेलिया में सर्दी के एक रिकॉर्ड के सामने गर्मी के 14 रिकॉर्ड बने। 1910-1960 के बीच गर्मी-सर्दी का ट्रेंड एक जैसा रहता था। ऐसा ही रहा तो 2040 तक सिडनी और मेलबर्न का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा।

दुनिया में जनवरी में सबसे गर्म 4 शहर

  • सिंगापुर सिंगापुर 30.5 डिग्री

  • केनकुन मैक्सिको 30.5 डिग्री

  • मनौस ब्राजील 30 डिग्री

  • रियो डे जेनेरो ब्राजील 29 डिग्री

85 साल बाद न्यू हैम्पशायर सबसे ठंडा

अमेरिका में 6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित न्यू हैंपशायर पहाड़ी में पारा रिकॉर्ड माइनस 73 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह 85 साल में सबसे कम है। 1934 में माइनस 57 डिग्री दर्ज हुआ था। बर्फीले तूफान की वजह ध्रुवीय चक्रवाती हवा (Polar cyclonic wind) है। यह लो प्रेशर के चलते अमेरिका के ऊपर अटक गई है। आगे नहीं जा पा रही। इससे बर्फीले तूफान की घटनाएं कई सालों से बढ़ रही है। 112 किमी की रफ्तार से मैसाचुसेट्स में हवा चल रही है। 15 राज्यों के छह करोड़ से ज्यादा लोग सर्दी से प्रभावित हैं। 2500 किमी लंबे ट्रैक पर बर्फ बिछ गई है। 16 हजार किमी है अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच की दूरी।

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