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Life Style | 1-Nov-2016 04:19:34 PM
वैज्ञानिकों ने बनाया वियाग्रा माउथ स्प्रे



 

दि राइजिंग न्‍यूज

वियाग्रा के एक निवेशक ने प्री मेच्योर इजेकुलेशन से बचने के लिए एक स्प्रै लॉन्च करने की घोषणा 2013 में की थी। उस पर खरे उतरते हुए रिसर्चर ने गोलियों के बाद माउथ स्‍प्रे का ईजाद किया है। स्‍प्रे गोलियों की तुलना में तुरंत असर करती है। स्‍प्रे को सबसे पहले चूहों पर आजमाया गया है। जिस परीक्षण में इसको शत-प्रतिशत सही पाया गया है। बाजारों में माउथ स्‍प्रे अगले तीन साल के अंद‍र मिलने लगेगा। फिलहाल, ताइवान में स्‍प्रे परीक्षण का अंतिम चरण पूरा कर चुका है।

सेक्स समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए वैज्ञानिकों ने गोलियों के बाद स्प्रे विकसित किया है। स्प्रे, गोली से जल्दी और ज्यादा तेजी से असर करता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक वियाग्रा की गोली एक घंटे बाद असर करती है, जबकि वियाग्रा स्प्रे कुछ ही पलों में अपना असर दिखाना शुरू कर देता है और इसका असर डेढ़ घंटे तक रहता है। साइंटिस्टों का दावा है कि सेक्स समस्याओं से जूझ रहे करोड़ों लोगों के वरदान साबित होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक वियाग्रा का यह स्प्रे तीन साल के अंदर मार्केट में मिलने लगेगा।

 

ताइवान में विशेषज्ञों ने एक साइलडेनफिल (sildenafil) की बंदू को फूड ग्रेड प्रोपेलिन ग्रिसरॉल में मिलाया और इसे चूहे की जुबान में रहने पर पाया गया कि यह 78 सेकेंड में काम करना प्रारंभ कर देता है। साइलडेनफिल का इस्तेमाल नपुसंकता और इरेक्टाइल समस्याओं से निजात पाने वाली दवाओं को बनाने में किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तुरंत काम करने वाला वियाग्रा का ये स्प्रे लाखों के लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि इसमें मेडिसिन सीधे टिश्यू के द्वारा कुछ ही समय में अवशोषित हो जाती है जबकि पिल्स (गोलियां) पेट के जरिए शरीर में पहुंचती है।

 

डोनकास्टर स्थित लेजर क्लीनिक के डॉक्टर डॉज सेवेज ने कहा कि निश्चित रूप से इरेक्टाइल समस्याओं से जूझ रहे कई लोगों द्वारा इसका स्वागत किया गया जाएगा। खासकर डेटिंग करने वालों के बीच। इसको वह अपनी जेब में रख सकते हैं। 40 साल से अधिक उम्र के 50 प्रतिशत लोगों इरेक्टाइल समस्याओं और नपुंसकता से पीड़ित है। वियाग्रा के एक निवेशक ने प्री मेच्योर इजेकुलेशन से बचने के लिए एक स्प्रै लॉन्च करने की घोषणा 2013 में की थी।

 

 

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