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Home | 11-Jan-2017 02:51:13 PM
पार्टी टूटने नहीं दूंगा: मुलायम



 
दि राइजिंग न्‍यूज

11 जनवरी, नई दिल्ली। 

मुलायम सिंह यादव का मर्म आज खुलकर जिस तरह सामने आया उससे साफ है कि पार्टी के विवाद में पिता और पुत्र के रास्‍ते अलग-अलग हो चुके हैं। अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के सामने मन की बात करते हुए आज मुलायम ने इस बात का भी खुलासा कर दिया कि पार्टी तोड़ने पर आमादा रामगोपाल अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी नाम से अलग दल बना रहे हैं। चुनाव चिन्‍ह मोटरसाइकिल के लिए भी उन्‍होंने चुनाव आयोग को आवेदन दे रखा है। कल अखिलेश से हुई बातचीत का भी हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि, मैंने अखिलेश से कहा कि वह राम गोपाल के चक्कर में क्यों पड़े हैं। मालूम हो कि कार्यकर्ताओं को संबोधित करने से पहले मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव से फोन पर बात की थी। सूत्रों के मुताबकि इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता से कहा,  कि मेरे और पार्टी के अच्‍छे भविष्‍य की खातिर उन्हें (अखिलेश) अभी तीन माह के लिए पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने दिया जाए


मुलायम बोले, साथ रहेगी सााइकिल- उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पार्टी का चिन्ह और नाम नहीं बदलेगा। लखनऊ में मुलायम ने कहा, पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह नहीं बदलेगा। अपने इसी दावे के साथ मुलायम सिंह यादव दिल्ली जा रहे हैं। मुलायम पार्टी कार्यकर्ताओं से स्‍पष्‍ट किया कि हम नहीं चाहते हैं कि पार्टी टूटे। उन्‍होंने इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप हमारे साथ बने रहिये, हम पार्टी को बचाएंगे और भविष्‍य में नये मुकाम पर ले जाएंगे। हमने पार्टी की एकता के लिए पूरा समय दिया। इसे टूट से बचाने के लिए जान लगा देंगे।


मुलायम का दर्द-ए-बयां- मुलायम ने पार्टी खड़ा करने में अपने संघर्षों का हवाला देते बताया कि हमने गरीबी में परिवार छोड़ा। हमने इमरजेंसी झेली है। किस तरह वह और शिवपाल सड़क पर उतर कर न केवल आंदोलन करते थे, पुलिस कर लाठियां खाते थे। इस दौरान उन्‍हें कई बार जेल भी जाना पड़ा है। उन्‍होंने कहा कि आज मेरे पास क्‍या है...गिनती के कार्यकर्ता और नेता, लेकिन इतना ही मेरे लिए बहुत है। मुलायम ने आग्रह के लहजे में अपने समर्थक कार्यकर्ताओं से साथ देते रहने की अपील की।


कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया- मुलायम के बयानों को सुनकर वहां मौजूद कार्यकर्ता नेताजी के समर्थन में नारे लगाने लगे। कार्यकर्ता ‘’मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद’’ और ‘’नेताजी संघर्ष करो हम तुम्‍हारे साथ हैं’’ जैसे नारे लगा रहे थे। कार्यकर्ताने भी मुलायम को उनके मौजदा संघर्ष में साथ देने का वायदा किया। पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया से बातचीत के दौरान मुलायम के साथ शिवपाल यादव भी मौजूद थे। 


बेमानी निकली बैठक की बात- मुलायम सिंह यादव के साथ बैठक में इस बात पर सहमति बनी थी कि  अखिलेश आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहेंगे। इससे पहले सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव ही प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे।


क्‍या हो सकता है आगे- जैसा कि जगजाहिर है समाजवादी पार्टी में चुनाव चिन्ह साइकिल को लेकर दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंच चुके हैं। चुनाव आयोग अपना फैसला 13 जनवरी को दे सकता है। हालांकि अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी एक रहेगी या दोनों गुट अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे।

 

 

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