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Finance | 2-Jan-2017 01:44:07 PM
फ्लिपकार्ट को 2016 में हर रोज 14 करोड़ का घाटा

  • फ्लिपकार्ट का ईकार्ट के जरिये लॉजिस्टिक्स बिजनेस भी



 

दि राइजिंग न्‍यूज

02 जनवरीनई दिल्‍ली।

साल 2016 फ्लिपकार्ट के लिए अच्छा नहीं रहा। कंपनी को रोज 14 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। फ्लिपकार्ट देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है और उसका मुकाबला अमेरिका की दिग्गज कंपनी एमेजॉन से है। खबर के मुताबिक बेंगलुरु बेस्ड इस कंपनी ने नए कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए काफी पैसा खर्च किया और इसकी वजह से ही उसे काफी घाटा झेलना पड़ा है।

वहीं बीते फिस्कल इयर में फ्लिपकार्ट अपना रेवेन्यू बढ़ाने में कामयाब रही थी। उसका रेवेन्यू लगभग 15,403 करोड़ रुपये तक का रहा। वहीं वित्त वर्ष 2014-2015 में कंपनी का रेवेन्यू 10,245 करोड़ रुपये था और उसका मार्जिन नेगेटिव 25 % तक चला गया था।

वहीं वित्त वर्ष 2015-16 में सैलरी और स्टॉक बेस्ड कॉम्पेंसेशन 124 % बढ़कर 1,880 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी का बिजनेस प्रमोशन खर्च दोगुना होकर 1,100 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। इसी वजह से कंपनी के घाटे में इजाफा हुआ है।

गौरतलब हैइस साल कंपनी ने घाटा कम करने की बात कही है और दावा किया है कि फ्लिपकार्ट ग्रोथ की राह पर लौट आई है। कंपनी के सीईओ बिन्नी बंसल ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2018 में कंपनी की तेज ग्रोथ होगी।

उन्होंने यह दावा भी किया था कि मार्च 2017 तक कंपनी बर्न रेट में50 % तक कटौती करेगी। कंपनी के टर्नअराउंड में इसके फैशन बिजनेस का बड़ा रोल रहने वाला है। टर्नअराउंड में बड़े अप्लायंसेज जैसे हाई वैल्यू सेगमेंट का भी इंपॉर्टेंट रोल होगा।

ऑनलाइन रिटेल के अलावा फ्लिपकार्टईकार्ट के जरिये लॉजिस्टिक्स बिजनेस भी चलाती है। गूगल-एटी कियर्नी की स्टडी के मुताबिकदेश की ऑनलाइन इंडस्ट्री, 2020 तक 60 अरब डॉलर की हो सकती है। आने वाले समय में ऑनलाइन इंडस्ट्री पर फ्लिपकार्टएमेजॉन और स्नैपडील का दबदबा हो सकता है।

 

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