• दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के फर्जी डिग्री का मामला
  • अशोक सिंह हत्या कांड में पूर्व RJD सांसद प्रभुनाथ को आजीवन कारावास
  • मैनचेस्टर हमले के बाद ब्रिटेन में राजनेताओं ने चुनाव अभियान बंद किया
  • आज शाम पांच बजे होगी उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक
  • पीएम मोदी ने मैनचेस्टर हमले की निंदा की

Share On

Finance | 30-Dec-2016 11:18:29 AM
नोटबंदी, जीएसटी से बदलेगा भारत

  • एनपीए प्रमुख जोखिम: रिजर्व बैंक
  • ऋण कारोबार की गुणवत्ता में गिरावट चिंता


 
दि राइजिग न्‍यूज

30 दिसंबर, मुंबई।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा नोटबंदी में अर्थव्यवस्था का स्वरूप बदलने की क्षमता है, हालांकि, इसकी वजह से जनता को कुछ असुविधा तथा वृद्धि दर पर क्षणिक विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। पर केंद्रीय केंद्रीय बैंक ने देश में बैंकों की संपत्ति (ऋण कारोबार) की गुणवत्ता में लगातार गिरावट पर चिंता जताई है।

रिजर्व बैंक द्वारा भारत में 2015-16 में बैंकिंग क्षेत्र के रुझानों तथा प्रगति (आरटीपी) तथा वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) के 14वें संस्करण में ये निष्कर्ष निकाले गए हैं। रपट में कहा गया है कि 2016-17 में कारपोरेट क्षेत्र के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार हुआ है, लेकिन कारोबार के लिए झटका लगने का जोखिम कायम है। इसके अलावा बड़े कर्जदारों की संपत्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि जीएसटी को पूरे देश में लागू करने तथा 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने से घरेलू अर्थव्यवस्था का कायाकल्प होने की संभावना है। हालांकि इससे जनता को कुछ असुविधा और वृद्धि दर भी कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने एफएसआर के आमुख में लिखा है कि 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने के फैसले से आगे चलकर दूरगामी बदलाव आएंगे। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के कुछ क्षेत्रों में लघु अवधि की बाधा तथा जनता को हुई परेशानी के बावजूद इससे घरेलू अर्थव्यवस्था में आगे समय के साथ बड़ा बदलाव आएगा। भुगतान के डिजिटल तरीके को अपनाने से अधिक मध्यस्थता, दक्षता लाभ बढ़ेगा तथा जवाबदेही में इजाफा होगा और पारदर्शिता भी सुधरेगी।

गवर्नर पटेल ने साथ ही आगाह किया कि इसी पर संतोष कर बैठने से काम नहीं चलने वाला है। इसके साथ साथ वित्तीय बाजारों को बार-बार के उतार-चढ़ाव से बचाने की भी जरूरत है। केंद्रीय बैंक ने आगे कहा कि बैंकिंग स्थिरता संकेतकों से पता चलता है कि संपत्ति की गुणवत्ता, कम लाभ तथा तरलता में निरंतर गिरावट से बैंकिंग क्षेत्र का जोखिम ऊंचे स्तर पर है।

बैंकों की कारोबार वृद्धि कमजोर बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक निजी क्षेत्र के बैंकों से पीछे हैं। प्रणाली के स्तर पर 2016-17 की पहली छमाही में बैंकों के लाभ में सालाना आधार पर गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च और सितंबर, 2016 के दौरान बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता और नीचे आई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास जोखिम वाली सम्पत्तियों के आगे पूंजी का अनुपात (सीआरएआर) निचले स्तर पर है।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल गैर निष्पादित अग्रिम (जीएनपीए) सितंबर, 2016 में बढ़कर 9.1 प्रतिशत हो गया जो मार्च में 7.8 प्रतिशत था। इससे कुल दबाव वाले अग्रिम का अनुपात 11.5 से बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बड़े कर्जदारों की संपत्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय गिरावट आई है। एफएसआर में कहा गया है कि कुल मिलाकर भारत की वित्तीय प्रणाली स्थिर है।

हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक विशेषरूप से उल्लेखनीय दबाव के स्तर पर हैं। आरबीआई की रपट में कहा गया है कि वृहद दबाव परीक्षण नतीजों से पता चलता है कि बैंकों का जीएनपीए अनुपात और बढ़ सकता है। वृहद वित्तीय जोखिमों पर रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी क्षेत्र में, चालू खाते के घाटे में कमी आंशिक रूप से विदेशी प्रभाव के फैलाव से है। यह व्यापार की सुस्त वृद्धि का परिचायक है।

रेमिटेंस में कमी भी चिंता का विषय है। आगे चलकर व्यापार से अधिक पूंजी के प्रवाह से विनिमय दरें प्रभावित होंगी। आरटीपी 2015-16 के अनुसार 2015-16 में बैंकिंग क्षेत्र का प्रदर्शन सुस्त रहा। बैंकों के बकाया ऋण का अनुपात बढ़ने, इसके साथ ही प्रावधान में बढ़ोतरी तथा ऋण वृद्धि में कमी इसकी वजह हैं।

हालांकि, बैंकों के खुदरा पोर्टफोलियो ने साल के दौरान दो अंकीय वृद्धि दर्ज की। वर्ष 2015-16 में बैंकों की ब्याज आय तथा गैर ब्याज आय बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे बैंकिंग क्षेत्र के शुद्ध लाभ में 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

 

Share On

अन्य खबरें भी पढ़ें

Comment Form is loading comments...

खबरें आपके काम की

 


 



   Photo Gallery   (Show All)
मौसम ने बदली करवट............दिन में ही हो गई शाम कुछ इस तरह रहा शहर का नजारा । फोटो - कुलदीप सिंह
मौसम ने बदली करवट............दिन में ही हो गई शाम कुछ इस तरह रहा शहर का नजारा । फोटो - कुलदीप सिंह

शहर के कार्यक्रम एवं शिक्षा से जुड़ीं ख़बरें