Akshay Kumar Appears for Fund Collection for Pulwama Attack Martyr Families

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

भारतीय सेना द्वारा दो साल पहले PoK में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का महिमामंडन किए जाने की जरूरत नहीं है। यह भारतीय सेना के रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा का कहना है। जब 29 सितंबर 2016 को LoC पार करके भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था, उस वक्त जनरल हूडा उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर थे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सर्जिकल स्ट्राइक पर और कितनी राजनीति की जाएगी? सेना की सर्जिकल स्ट्राइक सही थी या गलत थी क्या यह भी राजनेताओं से पूछा जाएगा?

लेफ्टिनेंट जनरल हूडा ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का बढ़ाकर प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है। जब सेना की कार्रवाई की जरूरत होती है, तो इसे किया जाता है। साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत थी और हमने इसको अंजाम भी दिया था। जनरल हूडा चंडीगढ़ में सैन्य साहित्य महोत्सव 2018 के पहले दिन “सीमा पार अभियानों और सर्जिकल स्ट्राइक की भूमिका” विषय पर चर्चा में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि सीमा पर सेना किस तरह कार्रवाई करती है?

 

उन्होंने कहा, “मुझे लगता कि LoC पर जिस तरह घटनाएं हो रही हैं, उसको देखते हुए हमको पहले से ही सक्रिय और जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार रहना होगा। जब तक पाकिस्तान सीमा पर तनाव कम करने के लिए कदम नहीं उठाता और घुसपैठ को नहीं रोकता है, तब तक हमारी सक्रियता ज्यादा होनी चाहिए।”

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