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दि राइजिंग न्यूज़

भोपाल।

 

एमपी के शिवपुरी जिले में छह अनाथ एवं नाबालिग बच्चियों के साथ रेप और उत्पीड़न करने के मामले में विशेष अदालत ने एक 79 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उनकी बेटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी केएन अग्रवाल और उसकी अधिवक्ता बेटी शैला अग्रवाल (50) को अनाथ लड़कियों से रेप करने, उनके साथ मारपीट करने, धमकाने एवं उनके साथ अत्याचार करने के आरोपों में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 

इसके अलावा अदालत ने दोनों पर 16-16 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। बता दें कि प्रो. केएन अग्रवाल सरकारी डिग्री कॉलेज से रिटायर हो चुके हैं। उनकी बेटी शैला अग्रवाल परमार्थ समिति द्वारा संचालित अनाथ आश्रम की अध्यक्ष थीं। अग्रवाल वर्ष 2004 में रिटायर होने बाद अनाथ आश्रम में ही रहने लगे थे।

इस मामले का खुलासा 2016 में आश्रम की दो लड़कियों ने किया था। ये लड़कियां यौन शोषण के कारण आश्रम से भागी थीं। जांच में सामने आया था कि छह लड़कियों के साथ नींद की गोली देकर ज्यादती की जाती थी।

 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आश्रम में 23 लड़कियां रहती थीं, जिनमें से छह ने उनके साथ रेप किए जाने की शिकायत की थी। इस खुलासे के बाद शैला और उसके पिता को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर आश्रम को सील कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने बाप बेटी समेत चार के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। इनमें शैला का भाई भी शामिल है, लेकिन विक्षिप्त होने के कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ सजा नहीं सुनाई। चौथे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

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