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दि राइजिंग न्यूज़

मुंबई।

 

महाराष्ट्र के अंबरनाथ से अंधविश्वास से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने बेटे की लाश को 10 दिनों तक चर्च में इसलिए रखा ताकि काले जादू से उसे दोबारा जिंदा कर सके। पुलिस के मुताबिक परिवार 17 साल के बेटे मिशख नेवहिस का शव 27 अक्तूबर को चर्च में लेकर पहुंचा और वहीं भगवान जीसस से प्रेयर करने लगे।

 

परिवार की इस बेबुनियाद कोशिश का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पुलिस "जीसस फॉर ऑल नेशन" चर्च में पहुंच गई। दरअसल, लड़के के पिता बिशप का मानना था कि अगर परिवार काले जादू के साथ भगवान जीसस की प्रेयर करेगा तो उसके बेटे को फिर से जीवनदान मिल सकता है।

हालांकि, वे ये सच जानते थे कि यह मुमकिन नहीं है, फिर भी वे बेबुनियाद कोशिश को अंजाम देते रहे। इस बीच 4 नवंबर को पुलिस चर्च में पहुंच गई और परिवार को समझाने लगी। पहले तो पुलिस के कहने पर परिवार लाश को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने को तैयार हो गया, लेकिन उन्होंने पुलिस के जाने के बाद अपनी कोशिशों को जारी रखा।

 

परिवार ने फिर से रविवार को प्रेयर की और इलेक्ट्रोनिक बक्स में रखे बेटे के शव में जान की उम्मीद लगाने लगे। पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से कोशिश जारी रहने पर वे वहां फिर पहुंचे और उन्हें समझाने लगे। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद परिवार चर्च से शव को ले गया और मिशख का अंतिम संस्कार कर दिया।

पुलिस ने बताया कि मिशख की जान कैंसर की वजह से हुई थी और परिवार उसे किसी भी कीमत पर खोने नहीं देना चाहता था। इसलिए परिवार उसे जिंदा करने की हर कोशिश में जुटा हुआ था।

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