Home National News Cbi Investigation Reveals Bribe In Recruitment In Army

तूतीकोरिन हिंसा: कांग्रेस ने PM नरेंद्र मोदी से पूछे 10 सवाल

PM मोदी 29 मई से 2 जून तक इंडोनेशिया और सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे

हापुड़ः लूटपाट के इरादे से बदमाशों ने की दिल्ली पुलिस के दरोगा की हत्या

तूतीकोरिन में फिर भड़की हिंसा के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात

मूनक नहर की मरम्मत मामले में हरियाणा ने दिल्ली HC में दाखिल की रिपोर्ट

सीबीआइ जांच में बड़ा खुलासा, फर्जी दस्तावेजों-घूसखोरी से हुई सेना में भर्ती

National | Last Updated : May 10, 2018 10:48 AM IST

Cbi Investigation Reveals Bribe In Recruitment In Army


दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

कानपुर छावनी क्षेत्र में साल 2016 में सेना भर्ती रैली में रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए 34 लोगों की भर्ती की गई थी। नौकरी पाने वालों में 34 में से 30 ने जॉइन किया और अलग-अलग स्थानों पर सेना में प्रशिक्षण भी हासिल कर लिया। सीबीआइ की प्रारंभिक जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सेना भर्ती कार्यालय में तैनात रहे हवलदार गिरीश एनएच ने बिचौलिए के जरिये रिश्वत लेने की बात कुबूल की है।

 

जांच एजेंसी ने घूस देकर नौकरी हासिल करने वाले 34 लोगों के साथ ही सेना के कर्मी गिरीश एनएच हवलदार, पांच बिचौलियों और हमीरपुर के एसडीएम व तहसीलदार के कार्यालय में तैनात रहे अज्ञात कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

सीबीआइ लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) में दर्ज एफआइआर के अनुसार, कानपुर छावनी क्षेत्र में 3 अगस्त 2016 से 16 अगस्त 2016 के बीच औरैया, बाराबंकी, फतेहपुर, कन्नौज, बांदा, गोंडा और हमीरपुर के युवाओं के लिए सेना भर्ती की रैली हुई थी।

 

यह भर्ती शारीरिक जांच, लिखित परीक्षा व स्वास्थ्य परीक्षण के जरिये हुई। इसमें हमीरपुर के 34 ऐसे अभ्यर्थियों को भर्ती कर लिया गया जो अन्य जिलों के रहने वाले थे। इन सभी ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र के सहारे खुद को हमीरपुर का बताया। ये निवास प्रमाण पत्र हमीरपुर तहसील से उप जिलाधिकारी ने जारी किए थे। इस मामले में सीबीआइ ने शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच 12 दिसंबर 2017 को शुरू की थी।

नौकरी पाने वालों में हमीरपुर का एक भी नहीं था

कानपुर छावनी क्षेत्र में 2016 में सेना भर्ती रैली में रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए 34 लोगों की भर्ती के मामले में इन सभी के शैक्षिक दस्तावेजों की पड़ताल कराई तो साफ हो गया कि वे सभी हमीरपुर के नहीं थे। हवलदार गिरीश एनएच व दो बाहरी व्यक्तियों प्रवीण व योगेंद्र के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी सीबीआइ के हाथ लगा जिसमें अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत की बात की जा रही है। यह बातचीत यूपी एसटीएफ ने पिछले साल दिसंबर में इंटरसेप्ट की थी। एसटीएफ ने इसका खुलासा करते हुए वाराणसी से कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

 

कुबूला घूस लेना

सीबीआइ ने जांच में पाया कि सेना में नौकरी पाने वाले 30 अभ्यर्थियों ने अनुचित आर्थिक लाभ लिया। जबकि 4 जॉइन नहीं करने वालों ने भी फर्जीवाड़ा किया। हवलदार गिरीश एनएच ने अपने पद का दुरुपयोग किया और बिचौलिए के जरिए रिश्वत लेने की बात कुबूल की है।

नौकरी हासिल करने वालों के नाम

  • राहुल कुमार, सलेमपुर, बुलंदशहर

  • जितेंद्र चौधरी, मांट, मथुरा

  • राजेश सिंह कुंतल, मगौरा, मथुरा

  • भूपेंद्र सिंह, खैर, अलीगढ़

  • कुशींद्र सिंह, जहांगीराबाद, बुलंदशहर

  • विकास तोमर, बड़ौत, बागपत

  • पुष्पेंद्र सिंह, टप्पल, अलीगढ़

  • तेजबीर सिंह, दान सौली, गौतमबुद्धनगर

  • देवेंद्र कुमार, खैर, अलीगढ़

  • रोहित कुमार, जहांगीराबाद, बुलंदशहर

  • सौरभ, शेरगढ़, मथुरा

  • रवि, शेरगढ़, मथुरा

  • श्याम पोसवाल, बरसाना, मथुरा

  • देवेंद्र कुमार, टप्पल, अलीगढ़

  • देव प्रकाश, मांट मथुरा

  • राहुल कुमार, टप्पल, अलीगढ़

  • राहुल चौधरी, बिसावर, हाथरस

  • राजेश, मांट, मथुरा

  • वीर सिंह, जहांगीराबाद, बुलंदशहर

  • शैलेंद्र कुमार, भदौरा, बुलंदशहर

  • संदीप कुमार, सलेमपुर, बुलंदशहर

  • पंकज चौहान, खुर्जा देहात, बुलंदशहर

  • ललित कुमार, महेपा, बुलंदशहर

  • हरेंद्र सिंह, अहवरनपुर, हाथरस

  • सुबोध शर्मा, सिकंदराबाद, बुलंदशहर

  • विनीत, सरैनी, रायबरेली

  • दीपक तोमर, गभाना, अलीगढ़

  • सोहित कुमार, जहांगीराबाद, बुलंदशहर

  • नौकरी पाने वाले ये कहां के अभी पता नहीं

  • रिंकू कुमार, दिनेश कुमार, पवन कुमार, सोनू कुमार, बिकेश और नीरज कुमार।



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...