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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

प्राइवेट अस्पतालों का मनमाना हिसाब रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। फोर्टिस और मैक्स जैसे बड़े हॉस्पिटल्स का नाम इन दिनों मिट्टी में मिल चुका है। अब इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है।  दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने आई बच्ची की जान तो नहीं बच सकी, लेकिन अस्पताल ने परिजनों को 19 लाख रुपये का बिल जरूर पकड़ा दिया।

 

इतना ही नहीं अस्पताल ने बिल चुकाने तक बच्ची का शव भी परिजनों को नहीं सौंपा। मामला राजधानी के सुपर स्पेशिएलिटी BLK हॉस्पिटल का है। जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के रहने वाले नीरज गर्ग अपनी बच्ची को बोन ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली के BLK हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था।

बच्ची को 31 अक्टूबर, 2017 को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान बच्ची को संक्रमण हो गया। इसके चलते बच्ची को हॉस्पिटल के ICU में रखना पड़ा। बच्ची का अस्पताल में पूरे 25 दिन तक इलाज चला, लेकिन डॉक्टर उसकी जान बचाने में नाकाम रहे।

 

इसके बाद अस्पताल ने परिजनों को करीब 19 लाख रुपये का बिल पकड़ाया। साथ ही अस्पताल ने तब तक परिजनों को बच्ची का शव नहीं सौंपा, जब तक परिजनों ने बिल की पूरी रकम अदा नहीं कर दी।

बताते चलें कि बीते दिनों दिल्ली एनसीआर के फोर्टिस अस्पताल में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जिस पर अभी कार्यवाही चल ही रही है। फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान 7 साल की बच्ची आद्या की डेंगी शॉकिंग सिंड्रोम से मौत हो गई थी। लेकिन अस्पताल ने परिजनों को 18 लाख रुपये का बिल पकड़ा दिया।

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