Home National News Affidavit Of Center Govt In Supreme Court Over Rohingya Muslims

प्रद्युम्न मर्डर: आरोपी अशोक को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत

लखनऊ: कल सुबह 11 बजे मुलायम सिंह यादव करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

JK: कुपवाड़ा में लोगों से मिलने पहुंचीं सीएम महबूबा

दिल्ली: वाराणसी में छात्राओं पर लाठीचार्ज के विरोध में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़: बस्तर में शराब की 76 बोतलों के साथ एक शख्स गिरफ्तार

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood

रोहिंग्‍या मुसलमान: सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा

National | 14-Sep-2017 09:31:01 AM
     
  
  rising news official whatsapp number

  • कहा- देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं रोहिंग्या

Affidavit of Center Govt in Supreme Court over Rohingya Muslims

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

भारत में रह रहे रोहिंग्‍या मुसलमानों को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि वे शरणार्थियों के तौर पर भारत में नहीं रह सकते हैं। केंद्र ने रोहिंग्या मुसलमानों को आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

 

हालांकि रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर हलफनामे पर केंद्र सरकार ने एक पक्षकार को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार का जो हलफनामा उन्हें दिया गया, उसमें कुछ कसर थी और उसे गलती से भेज दिया गया। अब सरकार का कहना है कि इस हलफनामे को अभी भी अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो हलफनामा सर्व किया गया है, वो फाइनल नहीं है।

 

खुफिया रिपोर्ट में रोहिंग्या मुसलमानों का आतंकी संगठन से भी जुड़े होने का जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक रोहिंग्या आतंकी समूहों के तौर पर जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हैदराबाद और मेवात में सक्रिय हैं। रोहिंग्याओं को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट आतंकी गतिविधियों में लगा सकता है।

 

केंद्र ने ये भी दलील दी है कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत भी भारत सरकार अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को स्वतंत्र है। फिलहाल सबकी निगाहें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

 

इस मामले में दो रोहिंग्या मुसलमान भी याचिकाकर्ता हैं, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 में मौलिक अधिकारों के हनन के सिलसिले में मिले अधिकार के तहत सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

 

केंद्र ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार की कार्रवाई में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। दलील ये दी गई है कि जब रोहिंग्या मुसलमानों का भारत में रहना ही मौलिक अधिकार नहीं है, तो ऐसे में वो संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का संवैधानिक अधिकार भी नहीं रखते। देश की सुरक्षा के लिए रोहिंग्याओं का निर्वासन जरूरी है। किसी भी अवैध अप्रवासी को भारत में रहने का अधिकार नहीं है।

 

वहीं रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उनका आतंकवाद और किसी आतंकी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। अपनी याचिका में रोहिंग्या समुदाय ने ये भी कहा कि उन्हें सिर्फ मुसलमान होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।

 

जम्मू में रहने वाले करीब सात हजार रोहिंग्या शरणार्थियों की तरफ से दायर याचिका में कहा गया, हमारा आतंकवाद से कोई वास्ता नहीं है। यहां तक कि जब से हम जम्मू में रह रहे हैं, हम पर ऐसा कोई आरोप नहीं लगे। हमारे बीच से कोई एक व्यक्ति भी आतंकी गतिविधियों में शामिल नहीं पाया गया।



जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

संबंधित खबरें

HTML Comment Box is loading comments...

 


Content is loading...



गैजेट्स

What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll



Photo Gallery
जय माता दी........नवरात्र के लिए मॉ दुर्गा की प्रतिमा को भव्‍य रूप देता कलाकार। फोटो - कुलदीप सिंह

Flicker News


Most read news

 



Most read news


Most read news

खेल-कूद


खबर आपके शहर की