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पैसे पर पैसा जमा करवाते रहे डॉक्‍टर्स, बच नहीं पाई गर्भवती

National | Last Updated : Jan 11, 2018 12:33 PM IST
   
18 lakh Rupee Bill Given to Family by Asian Hospital in Faridabad

दि राइजिंग न्‍यूज

फरीदाबाद।

 

देश के निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर रुपये वसूलने का खेल थमता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल का है। इस अस्पताल पर बुखार के इलाज के नाम पर 22 लाख रुपये वसूलने का आरोप लग रहा है।

हॉस्पिटल में बुखार से पीड़ित एक गर्भवती महिला की 22 दिन के इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टर इलाज के दौरान ना तो उस महिला को बचा पाए और ना ही पेट में पल रही सात महीने की बच्ची को।

 

 

एशियन हॉस्पिटल ने बुखार से पीड़ित महिला का 22 दिन के इलाज के दौरान 18 लाख रुपये से भी ज्यादा का बिल उसके परिजनों को थमा दिया। अब परिजन अस्पताल के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं। फरीदाबाद के गांव नचौली रहने वाले सीताराम द्वारा अपनी बेटी 20 साल की श्वेता को 13 दिसंबर को बुखार होने पर एशियन हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। तीन चार दिन के इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा महिला के पेट में मर गया है और ऑपरेशन करना पड़ेगा। डॉक्टरों ने शुरू में साढ़े तीन लाख रुपए जमा कराने को कहा।

 

 

मृतक श्वेता के पिता सीताराम का आरोप है कि डॉक्टर ने रुपया जमा होने के बाद ही ऑपरेशन करने की बात कही और जब तक पैसे जमा नहीं करा दिए गए तब तक उसका ऑपरेशन नहीं किया। जिसकी वजह से श्वेता के पेट में इंफेक्शन हो गया, ऑपरेशन के दौरान श्वेता के गर्भ में पल रही सात महीने की बच्ची मृत पाई गई।

 

 

श्वेता की हालत बिगड़ने के बाद उसे आइसीयू में ले जाया गया। उपचार के दौरान लगातार श्वेता के पिता से पैसे जमा कराए जाते रहे। आखिर में कुल 18 लाख का बिल थमा दिया गया।

 

 

अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सीताराम का आरोप है कि उसे अपनी बीमार बेटी से मिलने तक नहीं दिया गया। जब वह पांच जनवरी को आइसीयू में एडमिट श्वेता से मिलने गए तो उनकी बेटी बेसुध पड़ी हुई थी। अस्पताल की तरफ से जब और पैसे की मांग की गई तो उन्होंने पैसे जमा करने से मना कर दिया। जिसके बाद कुछ ही देर में श्वेता को मृत घोषित कर दिया, लेकिन अस्पताल की सफाई से श्वेता के परिजन संतुष्ट नहीं है और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।


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