Neha Kakkar Crying gets Emotional in Memories of Ex Boyfriend Himansh Kohli

दि राइजिंग न्यूज़

भोपाल।

 

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को दावा किया कि आजादी के बाद पाकिस्तान ने भारत पर अटैक किया तो तब के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आरएसएस से मदद मांगी थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयंसेवक मदद के लिए वहां पहुंचे भी थे। उमा का यह बयान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आर्मी पर दिए बयान पर हुए विवाद के बीच आया है।

समझौते पर दस्तखत के लिए हरि सिंह पर अब्दुल्ला बना रहे थे दबाव

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उमा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में भागवत के बयान पर सीधे तौर पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर रियासत के महाराजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के विलय के लिए होने वाली संधि पर दस्तखत नहीं कर रहे थे और शेख अब्दुल्ला इसके लिए उन पर दबाव बना रहे थे।

RSS प्रमुख गोलवलकर को नेहरू ने लिखा था लेटर

उन्होंने कहा, "नेहरू दुविधा में थे। तभी पाकिस्तान ने अचानक हमला कर दिया और उसके सैनिक उधमपुर तक पहुंच गए।" उमा ने आगे कहा कि हमला अचानक किया गया था और सेना के पास इतने आधुनिक संसाधन नहीं थे कि वे वहां तक पहुंच सके। "ऐसे वक्त में नेहरू जी ने गुरु गोलवलकर (तत्कालीन आरएसएस चीफ एमएस गोलवलकर) को स्वयंसेवकों की मदद के लिए लेटर लिखा था। स्वयंसेवक जम्मू-कश्मीर में मदद के लिए गए भी थे।"

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