Anil Kapoor Will be Seen in The Character of Shah jahan in Next Project

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बीते 22 जून से स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद (86 वर्ष) गंगा संरक्षण हेतु एक अधिनियम बनाने की मांग को लेकर हरिद्वार में अनशन पर बैठे हैं। मगर, केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण मंत्रालय की तरफ से अभी तक कोई भी सानंद से मिलने नहीं आया है। स्‍वामी सानंद के इस आंदोलन का समर्थन करने लखनऊ की सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का युवा शक्ति संगठन जीपीओ पर धरने पर बैठ गया।

युवा शक्ति संगठन के गौरव सिंह ने कहा, “जैसे गंगा एक्शन प्लान के लिए 500 करोड़ रुपए खर्च किए गए और गंगा पहले से भी ज्यादा प्रदूषित हो गई। वैसे ही नमामि गंगे परियोजना के 20,000 करोड़ में से 7,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं पर अभी तक गंगा रत्ती भर भी साफ नहीं हुई है और न होगी क्योंकि यह परियोजना भी गंगा एक्शन प्लान की तर्ज पर ही चल रहा है।

केवल ठेकेदारों के लिए ही फायदेमंद ट्रीटमेंट प्लांट

युवा संगठन ने कहा, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट केवल ठेकेदारों के लिए ही फायदेमंद रहे हैं। गंगा व अन्य नदियों को साफ करने की नियत ही नहीं दिखाई पड़ती, इसलिए स्वामी सानंद संरक्षण के लिए कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।

सरकार व मीडिया पर आरोप

सरकार के साथ-साथ युवा शक्ति संगठन ने मीडिया पर भी आरोप लगाये हैं कि सरकार ने तो सानंद की कोई सुध नहीं ली पर मीडिया भी सरकार के दबाव में उन्हें महत्व नहीं दे रहा है। उन्हें याद दिलाया कि, नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़ने का फैसला लेते हुए यह घोषणा की थी कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद जल संसाधन मंत्रालय के नाम में ही गंगा संरक्षण शामिल कर दिया, मानो देश में दूसरी नदियां ही न हों।

वहीं, गौरव सिंह ने कहा कि स्वामी सानंद को जिस तरह से मरने के लिए छोड़ दिया गया है। हम स्तब्ध हैं और अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हैं। यदि इस सरकार में जरा सी भी संवेदनशीलता है तो स्वामी सानंद से वार्ता कर उनकी जान बचाएं व गंगा ही नहीं देश की जितनी नदियां, तालाब, कुएं आदि जल के स्त्रोत हैं उनके संरक्षण के लिए कानून बनाएं।

 

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