Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

राजधानी में प्रदूषण के मद्देनजर प्रशासन ने बारातों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया है। धारा 144 लागू कर दी गई है ताकि राजधानी की आबोहवा प्रदूषित न होने पाए, लेकिन प्रशासन की इस कवायद पर पुलिस वाले ही पानी फेर रहे हैं। भले ही जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने इसके लिए गुरुवार को आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन रात में पुलिस अपनी धुन में मस्त नजर आई।

 

 

 

अब जरा गौर कीजिए। गुरुवार रात करीब पौने नौ बजे चौक चौराहे पर ही पुलिस के सहायता बूथ में चौक थाने के तमाम उपनिरीक्षक व सिपाही आराम फरमाते रहे, जबकि चौराहे पर रास्ता रोक कर आतिशबाजी होती रही। एक बाद एक तमाम पटाखे दगने के कारण चौराहे पर हर धुआं दिखाई दे रहा था लेकिन पुलिस बारातियों का डांस देखने में व्यस्त थी।

 

 

केवल यही नहीं कोनेश्वर चौराहा व हरदोई रोड पर बारातों में देर रात आतिशबाजी होती रही, लेकिन पुलिस कान में तेल डाले रही। यही हाल हजरतगंज में मोती महल लॉन का था। यहां पर देर रात तक बारात में आतिशबाजी होती रही। ट्रांसगोमती इलाकों में भी बारातों में जमकर आतिशबाजी होती रही, मगर कहीं पर पुलिस ने कार्रवाई करना तो दूर रोकने तक की जहमत नहीं उठाई।

 

 

 

वहीं पुलिस अधीक्षक पश्चिम विकास त्रिपाठी ने बताया कि इस संबंध में क्षेत्राधिकारी व इंस्पेक्टरों को निर्देश दे दिए गए हैं। अगर इस तरह की शिकायत मिली तो संबंधित क्षेत्र के प्रभारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

 

 

15 जनवरी तक रहेगी रोक

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि प्रदूषण के मद्देनजर आतिशबाजी पर 15 जनवरी 2018 तक रोक जारी रहेगी। इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश जारी हो चुके हैं। इस पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाएगा।

 

 

 

कारोबारियों लगा झटका

प्रदूषण के चलते बारातों मे आतिशबाजी पर रोक ने पटाखा कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। वजह है कि राजधानी व आसपास के जिलों में सहालग के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की आतिशाबाजी का कारोबार होता है। दीपावली के बाद सहालग और क्रिसमस-नववर्ष ऐसे आयोजन होते हैं, जब पटाखों की बिक्री बहुत अच्छी होती है।

इस बार पहले दीपावली पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई जिससे कारोबार प्रभावित रहा और अब रही सही कसर प्रदूषण से पूरी हो गई है।

 

 

प्रशासन ने पंद्रह जनवरी 2018 तक पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी है। साथ ही प्रदूषण स्तर कम न होने पर इसे आगे भी जारी रखने की बात कही है। ऐसे में कारोबारियों की नींद उड़ गई है। वजह है कि तमाम कारोबारियों ने सहालग के लाखों रुपये के आर्डर बुक कर रखें है।

अब प्रशासन की रोक के कारण उनका कारोबार ही प्रभावित नहीं हो रहा है बल्कि उन्होंने तैयारियों के लिए जो माल खरीदा था, वह भी घाटे का सौदा बन गया है।

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