Kareena Kapoor Will Work With SRK and Akshay Kumar in 2019

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजधानी में खुद का अवैध टेलीफोन एक्‍सचेंज बनाकर आइएसडी कॉल को लोकल कॉल में बदल कर फोन कराने वाले आरोपियों को कृष्‍णानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर‍ लिया। रविवार को एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि यह पूरा खेल दो एक्‍सचेंज से खेला जा रहा था। इसमें पहला सेटअप हजरतगंज के तेजकुमार प्लाजा में लगाया गया था, जबकि जबकि दूसरा कैसरबाग के मकबूलगंज में बना था।

 

 

गिरफ्तार अभियुक्‍तों ने अपना नाम नूर मोहम्मद पुत्र समसुद्दीन असर्फी निवासी जफर कालोनी थाना तिवारीपुर जिला गोरखपुर और मनोज कुमार गुप्ता पुत्र शिवसागर गुप्ता निवासी करमाई बुजुर्ग सेला भटोलिया थाना गुल्हरिया जिला गोरखपुर बताया है।

पुलिस ने इनके पास से तीन सिम बॉक्स सहित 113 सिम, 22 पासपोर्ट, एक लैपटाप, दो मॉडम राउटर, दो बेसिक टेलीफोन, नौ एंटीना, तीन मोबाइल फोन, 50 कालिंग मिनट की प्रिंट स्लिप सीट, डाटा कनेक्टर, पावरस्टेशन केबिल सहित कई दस्‍तावेज भी बरामद किए हैं।

 

 

इन धाराओं में मुकदमा

अंतरराष्‍ट्रीय एक्‍सचेंज टॉवर के आरोप में इन अभियुक्‍तों का मुकदमा संख्‍या 648/17 दर्ज किया गया है, जबकि आइपीसी की धारा 420/467/468/471 और धारा 3/6 इंडियन वायरलेस टेलीग्राफ एक्ट एवं 4/20/25 इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के साथ ही आइटी एक्‍ट की धारा 65/66/66बी/66सी/66डी/66एफ लगाई गई है। 

 

अंतरराष्‍ट्रीय फोन कॉल के मामले में इन आरोपियों की काफी समय से खोजबीन की जा रही थी। कृष्‍णानगर पुलिस ने जांच के दौरान इन संदिग्‍ध आरोपियों को बाराबिरवा चौराहे के सब्जी मंडी तिराहे से गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी विदेशों से आने वाली फोन कॉल को इंटरनेट और अपने अवैध नेटवर्क के जरिए लोकल कॉल में बदल देते थे।

जिससे यह कॉल नेशनल गेटवे के माध्यम से नहीं आ पाती थी और इसे किसी भी तरह से मॉनीटर भी नहीं किया जा सकता था। आरोपी नूर मोहमम्द ने बताया कि वह दो बार सऊदी अरब जा चुका है। अरब में उसके गांव का नसीम भी रहता है। उसी के माध्‍यम से आरोपी को इसके बारे में जानकारी हुई।

 

 

इसके बाद नूर ने हजरतगंज के तेजकुमार प्‍लॉजा में युनिक टूर ट्रैवल्स का कार्यालय खोल लिया। यहां पर वह लोगों को विदेश भेजने का काम बताता था। इसी दौरान उसने नसीम से मिले उपकरणों के सहारे अवैध एक्सचेंज का सेटअप तैयार कर लिया। इसी के साथ कैसरबाग स्थित मकबूलगंज में भी एक किराए का मकान लेकर यहां पर भी एक अवैध एक्‍सचेंज बना लिया।

 

एसएसपी ने बताया कि जब नूर मोहम्‍मद का काम बढ़ने लगा तो उसने अपने सहयोग के लिए मनोज गुप्ता को भी बुला लिया। इसके बाद दोनों मिलकर बीते चार माह से इस काम को तेजी से करने लगे और अवैध रूप से कमाए गए पैसे नसीम और नूर में बंटने लगा। एसएसपी ने बताया कि अभियुक्तों से पूछताछ के साथ ही गिरोह के अन्‍य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। 

 

 

इस तरह होता था कारोबार

जब भी कोई कॉल विदेश से आती थी तो वह आइएसडी गेटवे से ना आकर इंटरनेट के माध्यम से सिम बॉक्स पर आती थी। इसके बाद राउटर से इसे लोकल कॉल में बदल कर रिसीव करने वाले व्यक्ति के मोबाइल तक जा पहुंचती थी।

कृष्‍णानगर इंस्‍पेक्‍टर अंजनि कुमार पाण्‍डेय ने बताया कि आइएसडी गेटवे से कॉल ना आने के कारण देश की सुरक्षा एजेन्सियां इसकी जांच भी नहीं कर पाती हैं। साथ ही साथ कॉल रिसीव करने वाले टेलीकॉम कम्पनी और भारत सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस तरह के अवैध एक्सचेन्जों का इस्तेमाल करते हुए अपराधी आतंकी वारदातें, हवाला और अंतरराष्‍ट्रीय आर्थिक अपराध करने के लिए करते हैं। 

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