Pregnant Actress Neha Dhupia Shares Her Opinion on Pregnancy

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

समय-समय पर प्रदेश के कई जिलों से ऐसी तस्वीरे आती रहती हैं जहां स्ट्रेचर के अभाव में मरीजों को कभी मरीजों को कंधे... कभी ट्रॉली तो कभी गोद में उठाकर इलाज के लिए ले जाता है। वहीं, लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर का अनोखा इस्तेमाल देखने को मिला है। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में स्ट्रेचर पर ईंटों को ढोते हुए एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था।

एक तरफ जहां मरीजों को स्ट्रेचर नहीं मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ इसे ईंटें ढोने के काम में लिए जा रहा। इस पूरे मामले को लेकर जब ट्रॉमा सेंटर के एमएस डॉ. संतोष कुमार से बात की गई तो उन्होंने माना कि ईंट ढोने में स्ट्रेचर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

 

 

डॉक्‍टर ने कहा कि अगर ऐसा कुछ है तो इसको देखेंगे और कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल में पर्याप्‍त बेड हैं, लेकिन अगर मरीज की जान की बात आए तो उसे जरूर एडमिट किया जाएगा। फिर चाहे उसका बेड स्‍ट्रेचर या जमीन पर ही क्‍यों न लगाना पड़े।

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