Home Lucknow News Seminar On Road Safety That Was To Be Organised In Lucknow Cancelled

बीजेपी ने चुनाव लड़ने के लिए करोड़ों रुपये दिए- कांग्रेस

हिमाचल के किन्नौर में भूकंप के झटके, तीव्रता 4.1

कुमारस्वामी से मुलाकात के बाद तय होगी आगे की रणनीतिः गुलाम नबी आजाद

गहलोत और वेणुगोपाल ने राहुल को कर्नाटक के ताजा हालात की जानकारी दी

कर्नाटक चुनाव में भाजपा ने 6000 करोड़ रुपये खर्च किए- आनंद शर्मा

सड़क सुरक्षा टांय टांय फिस्स

Lucknow | Last Updated : Apr 21, 2018 06:37 PM IST

 

  • परिवहन मंत्री कर्नाटक चुनाव में तो प्रमुख सचिव व्यस्त
  • इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में होना था आयोजन, अब स्थगित
  • कार्ड बांटने के बाद दूसरे विभागों के प्रमुख सचिव को दी जा रही कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना
  • जिलास्तरीय औपचारिकता के साथ शुरू होगा सड़क सुरक्षा सप्ताह

Seminar on Road Safety that was to be Organised in Lucknow Cancelled


दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

हर चौथे मिनट में एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत। यह सच्चाई है। भारत सरकार से लेकर केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तक रेडियों–टीवी पर लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग की नसीहत दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सड़क हादसों में अव्वल है और यहां पर परिवहन विभाग अपनी कार्यप्रणाली के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर राष्ट्रीय रोड सेफ्टी काउंसिल तक में कई बार फटकार खा चुका है लेकिन उसके बाद विभाग कितना संजीदा हुआ इसका प्रत्यक्ष प्रमाण 23 अप्रैल सोमवार से शुरू होकर तीस अप्रैल तक चलने वाला सड़क सुरक्षा सप्ताह है। इस बार इसे वृहद स्तर पर आयोजित करने की तैयारी थी। परिवहन मंत्री को उद्घाटन करना था। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजन होना था। कार्ड बांट दिए गए। कई राष्ट्रीयस्तर के एनजीओ भी बुलाए गए। इसके अलावा सड़क सुरक्षा और यातायात से जुड़े विभिन्न विभागों से प्रेजेनटेंशन भी मांगे गए मगर ऐन टाइम पर कार्यक्रम की हवा निकल गई।

 दरअसल परिवहन मंत्री के ऐन टाइम पर अनुपस्थित हो जाने के कारण नौकरशाह भी किनारे हो लिए। प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ल पिछले दिनों असम में आयोजित एक मीटिंग में गई थी लेकिन वहां से वापस लखनऊ पहुंची है। व्यस्तता के चलते प्रमुख सचिव के आगमन पर भी असमंजस हो गया। रही सही कसर परिवहन मंत्री के न होने से पूरी हो गई। नतीजतन तैयारियों के अंतिम चरणों में पहुंचने के बाद इंदिरागांधी प्रतिष्ठान का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। यही नहीं, कार्यक्रम भी जिलास्तरीय करने की रणनीति तय कर दी गई। ताकि व्यय कम हों। इस वजह से जिन राष्ट्रीय एनजीओ को बुलाया जाना था, उन्हें भी मना कर दिया गया। सम्मानित अतिथियों को ससम्मान कार्यक्रम के स्थगन की सूचना दे दी गई। जिलास्तरीय कार्यक्रम के लिए करीब सत्तर अस्सी लोगों की क्षमता वाले रोडवेज के सभागार में कार्यक्रम करने की रणनीति तय की जाने लगीं।

जान से ज्यादा जरूरी चुनाव

सड़क हादसों में दिन ब दिन बढ़ते मौत के आंकड़ों के बावजूद परिवहन विभाग की इस असंवेदनशीलता को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली ही सवालों में आ गई है। सवाल यह है कि सड़क सुरक्षा का कार्यक्रम मंत्री और नौकरशाह के लिए हो रहा था या फिर आम जनता के लिए। आपको जरूर याद होगा कि अपनी कार के चालक को चुनने के लिए प्रदेश भर के ड्राइवरों की काउंसिल करा दी गई। यानी अपनी जान कीमती बाकी कचरे में। विभाग के अधिकारी भी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

जनाब खेल तो सारा पैसे का

दरअसल इंदिरानगर प्रतिष्ठान में सड़क सुरक्षा सप्ताह का भव्य उद्घाटन और उसमे तमाम विभागों की शिरकत करने के कारण व्यय भी काफी हो रहा था। अब परिवहन मंत्री और प्रमुख सचिव के न होने से अधिकारी भी इस व्यय को लेकर आशंकित हो गए। कारण है कि मंत्री और प्रमुख परिवहन की गैरहाजिरी में अब व्यय को जस्टीफाई करना ही बड़ी समस्या हो सकता था लिहाजा कार्यक्रम को स्थगित करने का बुद्धमत्ति पूर्ण फैसला कर लिया गया।

रोडवेज सभागार में होगा आयोजन

अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल व अरविंद पांडेय ने  बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह का उद्घाटन 23 अप्रैल को रोडवेज सभागार में होगा। सुबह दस बजे से यहां पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें परिवहन विभाग, टाटा मोटर्स, लोक निर्माण विभाग सहित कई विभाग हादसे रोकने के लिए अपना प्रजेंटेंशन देंगे। उसके बाद पूरे सप्ताह वाहन चालकों को जागरुक करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...