Updates on Priyanka Chopra and Nick Jones Roka Ceremony

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

सुपरस्टार राजेश खन्ना और नए नवेले अमिताभ की कालजयी फिल्म “आनंद” के कई संवाद और सीन मशहूर हैं...इन्हीं में से एक फिल्म का आखिरी सीन, “आनंद मरा नहीं...आनंद मरा नहीं करते...।“ बस उस दृश्य को जेहन में ताजा कीजिए। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के बीएम शाह प्रेक्षागृह में रखी गई रंगकर्मी आनंद प्रह्लाद की श्रद्धांजलि सभा...दोनों में ज्यादा कुछ फर्क नहीं है।

इस सभा में भी ऐसा ही महसूस हुआ कि आनंद कहीं नहीं गए और जीवन के रंगमंच पर अपने अगले किरदार की तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि तकरीबन हफ्ता भर पहले अभिमंच कला एकांश के संस्थापक और वरिष्ठ रंगकर्मी आनंद प्रह्लाद का निधन हो गया था। शुक्रवार को शहर के रंगकर्मियों ने उनकी याद में सभा रखी और इस सभा का सबसे भावपूर्ण पल वह था कि जब यहां मौजूद सारे लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आनंद को श्रद्धांजलि दी। दरअसल यही आनंद की आखिरी इच्छा थी कि उन्हें मौन रखकर या आंसू बहाकर नहीं, तालियां बजाकर याद किया जाए। उनका कहना था एक रंगकर्मी को इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए होता। यहां आए रंगकर्मियों के बीच यह मुद्दा भी उठा कि अगर आनंद को समय से ग्रांट मिल जाती तो शायद उनका बेहतर इलाज हो सकता था।

आनंद संडीला से लखनऊ हर रोज सफर तय करते थे। उनके साथ सफर करने वाले कुछ सहयात्री भी श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे। साथ ही वरिष्ठ रंगकर्मी उर्मिल कुमार थपलियाल, पुनीत अस्थाना, संगम बहुगुणा, मुकेश वर्मा, धर्मश्री, इप्टा से राकेश समेत बड़ी संख्या में रंगकर्मी व रंगमंच प्रेमी यहां मौजूद थे।

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