Baaghi 2 Assistant Director Name Came in Physical Assault

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा जानवरों को पकडऩे में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है। शहर में आवारा जानवरों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क पर घूम रहे आवारा जानवर लोगों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। जुर्माना भी रोक नहीं लगा पा रहा है। पशुओं को खुला छोड़ दिया जाता है। जिसके बाद नगर निगम का भारी भरकम कैटिल कैचिंग दस्ता भी इन पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। आवारा जानवरों से सड़के सुरक्षित नहीं हैं। महिलाएं घर से बाहर जाने से घबराती हैं। आवारा पशु यहां दिन रात डेरा जमाए रहते हैं। इन पशुओं के कारण हादसे हो रहे हैं लेकिन निगम के अफसर चेत नहीं रहें हैं।

रोजाना पकड़े जाने वाले पशुओं की संख्‍या इतनी कम है कि सड़क पर पशुओं की संख्‍या में कोई कमी नहीं आ रही है। आलम यह है कि एक बार कैटिल कैचिंग दस्ता पशुओं को पकड़ता है तो दूसरी ओर पशुपालक जुर्माना भर का छुड़ा लेते हैं। जुर्माने की राशि कम होने के कारण पशु पालकों पर इसका असर नहीं पड़ रहा है। वे पशुओं को फिर खुला छोड़ देते हैं। कई बार अपने मालिकों की अनदेखी और भूख से परेशान पशु सड़क पर निकल आते हैं। ये शहर की पूरी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। कई बार पशु सड़क पर जा रहे लोगों पर हमला कर देते हैं। अभी तक ऐसी तमाम घटनाएं हो चुकी है। राजधानी में अवैध डेयरियों की सं या में बढऩे से समस्या और बढ़ गई है। नगर आयुक्त उदयराज सिंह के लिखित आदेश के बावजूद जनरैलगंज में आज तक अवैध डेयरियों को नहीं हटाया जा सका है।

 

इससे यहां की मोहल्ला समिति के सदस्यों और निवासियों में भी आक्रोश है। वैसे तो राजधानी में कई क्षेत्रों में अवैध तबले चल रहे है लेकिन बालागंज स्थित जनरैलगंज के साउथ मोहल्ले में लंबे समय से कई डेरियां संचालित है, जिसके चलते क्षेत्र में गंदगी और नाली चोक की समस्या बनी हुई है। समस्या को लेकर जनरैलगंज साउथ मोहल्ला विकास समिति के लोगों ने लगभग एक साल पहले नगर आयुक्त उदयराज सिंह को समस्या के समाधान के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर नगर आयुक्त ने लोगों को जल्द अवैध डेरियों को हटवाने का आश्वासन भी दिया। पशु चिकित्साधिकारी को जल्द ही कार्रवाई के लिखित आदेश दिये थे। बावजूद इसके आज तक यहां की डेयरियों को हटाया नहीं जा सका है।

समिति के महामंत्री धमेंन्द्र सिंह ने बताया कि जनरैलगंज साउथ मोहल्ले में एसजीएम स्कूल के आस-पास भैसों की कई डेयरियां है जिस कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। बच्चे सड़क पर अकेले निकलने से डरते हैं। डेयरियों के कारण क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा है। श्री सिंह के अनुसार समिति के लोगों ने नगर निगम में लिखित शिकयत की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। नगर निगम जोन-सात में खुद नगर विकास मंत्री ने अवैध डेरियों को हटाने के लिए जोनल अधिकारी को निर्देश दिए थे। यहां कुछ दिन अभियान चला उनके बाद फिर मामला ठण्डे बस्ते में चला गया। जोन सात में अवैध डेरियों की सं या सौ से भी अधिक है। नगर निगम के मुताबिक पूरे शहर में इनकी सं या दो हजार से अधिक है। इस मामले पर पशु चिकित्साधिकारी अरविन्द राव ने कहा कि कुछ दिनों पहले निगम का कैटिल कैचिंग दस्ता भेजा गया था लेकिन डेयरी पर पशु नहीं थे जिस कारण टीम वापस आ गई।

श्री राव ने यह भी बताया कि आचार संहिता के कारण अभी अभियान ठप हैं निकाय चुनाव के बाद अभियान में तेजी दिखाई देगी। नगर निगम की ओर से अवैध डेरियों और असहाय पशुओं के लिए नियमावली तैयार की जा रही है। जल्द ही सख्‍त नियमों के साथ नगर निगम अभियान चलाएगा।

 

हो चुकी है कई घटनाएं

 

  • दुबग्गा में दो सांड़ों की भिड़ंत में बुलेट सवार प्रापर्टी डीलर की मौत।

  • अमीनाबाद में सांड़ ने साइकिल सवार बुजुर्ग को पटका, मौत ।

  • पुरनिया में सांड की टक्कर से महिला की मौत।

  • विकासनगर में सांड़ की टक्कर से स्कूटर सवार क्‍लर्क की मौत।

 

 

“चुनाव के बाद शहर में अवैध डेरियों के खिलाफ सख्‍त अभियान चलाया जाएगा। सड़कों पर घूम रहे पशुओं को कान्हा उपवन भेजा जाएगा। इसके लिए योजना बनाक कर अभियान चलाया जाएगा।“

नन्दलाल सिंह
अपर नगर आयुक्त (नगर निगम)

 

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement