Sanjay Dutt invited Ranbir and Alia For Dinner

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजधानी के नेशनल इंटर कॉलेज में गुरु और शिष्‍या के रिश्‍ते को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। यहां का प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह नाबालिग छात्राओं से गंदी-गंदी बातें करता था और विरोध करने पर उन्‍हें फेल करने से लेकर नाम तक काट देने की धमकी देता। छात्राएं धमकी से डरकर मुंह नहीं खोल पाईं तो 12 मार्च को उसने सभी हदों को पार करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। हालांकि इस बार छात्राओं ने विरोध करते हुए मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी तो हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंची पुलिस को प्रधानाचार्य के घरवालों ने थूकते हुए भगा दिया, लेकिन पुलिस वाले अपनी खीज मिटाने के लिए पीड़ित छात्राओं से ही वर्दी का रौब गांठने लगे। हालांकि मीडिया ने जब इसका विरोध किया तो पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ। 

 

 

थाना क्षेत्र में रहने वाली छात्राओं और उनके परिजनों ने स्‍कूल के प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह पर छेड़छाड़, गंदी फोन चैट और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। छात्राओं ने बताया कि प्रधानचार्य उनसे मोबाइल नंबर लेकर वॉट्सएप चैट करता था। जैसे ही पता चलता कि छात्राओं के घर में कोई नहीं है वैसे ही वह उनके घर पहुंच जाता। यहां पर वह अपने घर में ताला बंद होने का बहाना बनाकर मटर-पनीर बनाकर खिलाने की भी जिद करता था। इसी बीच छात्राओं से मनमर्जी अश्‍लील हरकत करने के बाद वह चला जाता। छात्राओं ने प्रधानाचार्य की धमकी से डरकर घर में नहीं बताया, लेकिन जब 12 मार्च को वह अपना रिपोर्ट कार्ड लेने गईं तो प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह ने सभी को बैठा लिया। इसके बाद वह गंदी-गंदी बातें करते हुए छात्राओं से अश्‍लील हरकतें करने लगा।

 

 

हालांकि इस बार छात्राओं ने विरोध किया तो प्रधानाचार्य ने सभी को फेल करने की फिर से धमकी देते हुए शारीरिक शोषण करने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं बिना रिपोर्ट कार्ड लिए घर लौट गईं। मामले की जानकारी अपने घरवालों को दी तो सुबह परिजनों ने कॉलेज में आकर प्रधानाचार्य के खिलाफ नारेबाजी की। घटनाक्रम की जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे पीड़ित पक्ष को थाने लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्राओं ने यह भी बताया कि बोर्ड परीक्षा के दौरान सेंटर में बाराबंकी के अध्‍यापिकाओं की ड्यूटी लगी थी। इस दौरान भी प्रधानाचार्य ने उनसे अश्‍लील हरकत की थी। इन अध्‍यापिकाओं ने भी मामले पर तहरीर दी है।

 

प्रधानाचार्य के परिजनों ने पुलिस को फटकारा

जब तक पुलिस कॉलेज पहुंचती कि उसके पहले ही प्रधानाचार्य उमाशंकर सिंह ने परिसर में ही स्थित अपने आवास में खुद को कैद कर लिया। पुलिस जब उसके आवास पहुंची तो यहां पर उनकी बेटियों और अन्‍य घरवालों ने पुलिस को अपशब्‍द कहते हुए उन्‍हें वहां से भगा दिया। मौके पर भारी संख्‍या में मौजूद पुलिसकर्मियों की मानों घिघ्‍घी बंध गई। पुलिस बिना कुछ कहे उल्‍टे पांव वहां से वापस लौट गई।

 

 

पुलिस ने छात्राओं से दिखाई सख्‍ती

प्रधानाचार्य के परिजनों द्वारा अपमान का घूंट पीने के बाद खिसियाई पुलिस छात्राओं से ही सख्‍ती से पूछताछ करने लगी। पुलिसकर्मी देर से सूचना देने और घर वालों को पहले ना बताने पर पीड़ित छात्राओं को फटकार भी लगाने लगे। पुलिस के इस व्‍यवहार से असहज हुई छात्राएं चुप हो गईं। हालांकि मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब इस सख्‍ती का विरोध किया तब जाकर पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ। 

 

 

“नेशनल इंटर कॉलेज का मामला सामने आया है। मौके पर पुलिस को भेजा गया था। पीड़ित पक्ष थाने आया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। तीन छात्राएं नाबालिग हैं, इसलिए पॉस्‍को सहित अन्‍य कानूनी धाराएं शामिल होंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

सर्वेश कुमार मिश्र

एसपी पूर्वी

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