Kareena Kapoor Will Work With SRK and Akshay Kumar in 2019

दि राइजिंग न्‍यूज  

लखनऊ।

 

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के बैनर तले गुरुवार को ट्रेडर्स कॉन्क्लेव एक होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्‍यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दीप प्रज्‍जवलित कर किया। इसके साथ ही उन्‍होंने डिजिटल इंडिया के रथ को रवाना भी किया।

आयोजित कार्यक्रम में झांसी, कानपुर, इलाहबाद, सीतापुर, बाराबंकी, लखीमपुर, शाहजहांपुर समेत कई जिलों के व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यहां पर ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल पहुंचे थे।

 

 

 

आयोजित कार्यक्रम में उद्योगपति एल के झुनझुनवाला, एससोचैम के शैलेंद्र जैन, फेडरल बैंक, बंधन बैंक, बैंक बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी, झांसी से कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आउट उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय फरगरी, कानपुर महानगर सर्राफा के महामंत्री पंकज अरोड़ा सहित कई व्यापारी भी शामिल हुए। 

 

 

 

अर्थव्यवस्था में वृद्धि

डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि हम लोग टाइप मशीन की जगह कंप्यूटर लाए थे। तब टाइप मशीन वाले जीपीओ पर प्रदर्शन कर रहे थे। आज कंप्यूटर के बिना हमारे सारे काम रुक जाएंगे। इसीलिए जीएसटी को भी ऐसे ही देखना चाहिए। एक कठिन दौर से निकल के जीएसटी लागू हुआ। जीएसटी एक ऐसा कर सुधार है जो भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ ही साथ भ्रष्टाचार को दूर करेगा।

 

 

यूपी के 72 सुझावों को  किया शामिल

उप मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि जीएसटी को ठीक से लागू कर दिया जाए तो टैक्‍स बोझ से व्यापारी को निजात मिल जाएगी। हमने कर संचयन के मामले में कई प्रदेशों से आगे यूपी का एक स्थान बनाया है। जीएसटी के मूलमंत्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है। सरकार और व्यापारियों के बीच का सामंजस्य निरन्तर बना हुआ है।

ये एक अच्छी बात है। हमने ओपन डिस्कशन किए हैं। मुझे एक राज्य के सीएम ने बधाई देते हुए कहा कि आपके प्रदेश में जीएसटी बहुत आगे जा रहा है। जीएसटी के सुझावो में यूपी के 72 सुझावों को शामिल किया गया है।

 

 

इसे और बेहतर बनाने पर विचार

उन्होंने कहा, कैशलेस और पेपरलेस ट्रांसेक्शन की ओर तेजी से हम बढ़ रहे हैं। विसंगतियां हैं जैसे ट्रांजेक्शन चार्जेज को माफ करने या उसके विकल्प पर विचार करने पर हम तैयार हैं। कुछ लोग नोटबन्दी की बरसी मना रहे थे। मैं स्वयं महापौर रहा हूं। चुनावों के डर से सुधारों को लागू करना राजनीतिक व्यक्तित्व का आचरण बन गया था।

नोटबंदी के बाद मैं पीएम मोदी से मिला तो उन्होंने कहा कि अगर देशहित को हम राजनीतिक लाभ के लिए छोड़ देंगे तो आने वाली पीढियां माफ़ नही करेंगी। इसलिए नोटबंदी के फैसले को लागू रखा गया। हमारी कैपेसिटी का वर्गीकरण ठीक प्रकार से होना चाहिए।

 

 

नोटबंदी से कुछ लोगों को नुकसान हुआ, लेकिन कालेधन को बाहर करने का यही तरीका था। जब खाते खुलवाए गए तो 27 करोड़ लोग बैंकिंग सेवा से जुड़े। काला धन आया तो बैंक मजबूत हुए। छोटे व्यापारियों को लोन मिलने में आसानी हुई। देश के 70 साल की आजादी के बाद जो सुधार नहीं हुआ उसे एक वर्ष में लागू करना मुश्किल काम है।

 

ये अंतिम हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि संवाद के लिए सरकार के द्वार सदा खुले हुए हैं, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटलाइजेशन को भी आगे बढ़ने में सहयोग देना होगा। व्यापारियों के लिए एक नीति की मांग एक व्यापारी नेता ने उठायी तो डिप्टी सीएम ने कहा कि आचार संहिता लागू है तो कोई घोषणा नहीं कर सकता लेकिन एक व्यापारी बोर्ड का गठन जरूर किया जा रहा है।

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