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Lucknow | Last Updated : Dec 17, 2017 02:16 PM IST
  • गैर जनपदों की गाडियों पर रहता है फोकस
  • नियम टूटे तो ट्रैफिक पुलिस के ठेंगे से
   
Negligence of Traffic Police in Lucknow City

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

राजधानी में भले ही ऑटो-टेंपो स्‍टैंडों को अवैध घोषित किया जा चुका हो, लेकिन चौराहे पर बने ट्रैफिक बूथ के पास यह स्‍टैंड धड़ल्‍ले से चल रहे हैं। इन स्‍टैंडों को लेकर ट्रैफिक पुलिस और स्‍थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं तो वहीं पुलिस है कि गैर जनपदों के वाहन जांच कर खाना पूर्ति ही नहीं करती बल्कि धुआं उगलते वाहनों से वसूली करते हुए उनकी अनदेखी भी करती है। हालांकि एएसपी ट्रैफिक रविशंकर निम कार्रवाई करने का दम तो भरते हैं लेकिन चौराहे पर तैनात जवान उनके अरमानों पर पलीता लगा रहे हैं।

 

 

यातायात की कमान संभाले ट्रैफिककर्मी आंखों में पट्टी बांध कर काम कर रहे हैं। यही कारण है कि कभी हजरतगंज चौराहे के पास होटल रॉयल कैफे की डिलेवरी वैन खड़ी होती है तो कभी पानी डिलेवरी वाहन खड़े होते हैं। इन्‍हें रोकने के लिए ना तो चौराहे पर तैनात पुलिस कर्मी कोई प्रयास करता है और ना ही चस्‍पा चालान करने वाले अधिकारी को यह वाहन दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं हजरतगंज, पॉलीटेक्निक, डालीगंज, शाहमीना, बर्लिंगटन, सहित कई महत्‍वपूर्ण चौराहे टेपों-ऑटो स्‍टैंड में बदल गए हैं। यहां पर ट्रैफिक पुलिस अपनी मुस्‍तैदी का दम भी भरती है लेकिन आजतक इन ऑटो-टेंपों का चस्‍पा चालान नहीं हुआ।

 

 

 

इतना ही नहीं हेलमेट और सीटबेल्‍ट की जांच करने वाले अधिकारियों को धुंआ उगलता कामर्शियल वाहन भी दिखाई नहीं देता। हालांकि इस दौरान यदि गैर जनपद का कोई वाहन चौराहे से गुजरने लगे तो यही पुलिसकर्मी बाज बनकर टूट पड़ते हैं। अब सवाल यह है कि क्‍या सारे नियम और कानून गैर जनपदों के वाहनों के लिए ही है। या फिर व्‍यावसायिक वाहनों को जांच से छूट दे दी गई है। उल्‍लेखनीय है कि सुभाष चौराहे पर बीते दिनों यूपी 52 एबी 7887 को तो रोक लिया गया लेकिन डालीगंज चौराहे पर धुआ उगलते और गलत नंबर प्‍लेट वाहन को रोकने के लिए टीएसआई हिम्‍मत नहीं जुटा पाए। हालांकि पूरे मामले पर अधिकारियों ने इसे रेंडमाइजेशन बताते हुए पल्‍ला जरूर झाड़ लिया।

 

 

 

“नगर निगम ने स्‍टैंड चिन्हित नहीं किया है और वाहनों को सवारी रोकने की मोहलत है। इससे ज्‍यादा रुकवाने पर जिम्‍मेदारों पर कार्रवाई होगी।“

रविशंकर निम

एसपी ट्रैफिक


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