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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बिजली चोरी पर अंकुश करने के नाम पर ट्रांसफार्मरों पर लगाए गए मीटर गायब हो चुके हैं। लेसा के लगभग 80 फीसदी ट्रांसफार्मरों पर से मीटर गायब हो चुके हैं। वहीं लेसा के ग्रामीण क्षेत्रों में 100 फीसदी मीटर गायब हैं, जो कि लेसा में एक बड़े घोटाले को अंदेशा दे रहे हैं। पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए ट्रांसफार्मरों पर मीटरिंग की योजना तैयार की गई थी। यह योजना करीब सात वर्ष पहले शुरू की गई थी।

 

 

विभागीय जानकारों की मानें तो ट्रांसफार्मरों पर लगे मीटर जान-बूझकर हटा दिये गये हैं। वहीं जिन ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगे भी हैं तो उनकी गणना आज तक नहीं कराई गई है। दरअसल, ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगने के बाद यहां से निकलने वाली बिजली की गणना के बाद फीडर पर बिजली चोरी का पता चल जाता है। ट्रांसफार्मरों पर मीटर न लगाने के पीछे अभियंताओं की सोची समझी साजिश है। ट्रांसफार्मरों पर मीटर न होने से ट्रांसफार्मर से निकलने वाली बिजली की आपूर्ति का ब्यौरा नहीं मिल पाता है, जिसका परिणाम है कि उपभोक्ताओं के घरों पर लगे मीटरों की गणना से ही ट्रांसफार्मरों से की गई बिजली आपूर्ति की गणना की जाती है।

 

 

छह वर्ष पूर्व पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अवनीश अवस्थी ने बिजली चोरी रोकने के उद्देश्य से छोटे-बड़े सभी ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगाने के निर्देश दिये थे। एमडी के निर्देश पर राजधानी के शहरी इलाकों के शत-प्रतिशत ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगा भी दिये गये थे, लेकिन ट्रांसफार्मरों पर मीटर लग जाने के बाद लेसा के अभियंताओं व बिजली कर्मियों के हाथ-पांव फूल गये थे। समय बीतने के साथ अधिकारियों के बदल जाने के बाद ट्रांसफार्मरों पर लगे मीटर गायब होने शुरू हो गये और वर्तमान समय में 80 फीसदी ट्रांसफार्मर बिना मीटर के हैं। 

 

 

40 हजार से ज्यादा लगे हैं ट्रांसफार्मर

लेसा अधिकारियों के मुताबिक लेसा में वर्तमान समय में छोट-बड़े करीब 40 हजार से अधिक ट्रांसफार्मर लगे हैं, लेकिन मीटर महज आठ से 10 हजार ट्रांसफार्मरों पर ही लगा नजर आता है। शेष अन्य ट्रांसफार्मर बिना मीटर के ही चलाये जा रहे हैं। लेसा में वर्तमान समय में 63 केवीए, 100 केवीए, 160 केवीए, 200 केवीए, 400 केवीए, 600 केवीए और 1000 केवीए की क्षमता के ट्रांसफार्मर जरूरत के अनुसार क्षेत्रों में लगे हैं, लेकिन इन सभी ट्रांसफार्मरों से मीटर गायब हैं। जिन ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगे भी हैं उनकी गणना आज तक करायी ही नहीं जा सकी है। 

 

 

अधिकारियों ने स्वीकारी मीटर गायब होने की बात

इस बाबत लेसा के जिम्‍मेदार अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मरों से मीटर हटाए नहीं गए हैं बल्कि ट्रांसफार्मर खराब हो जाने की दशा में वर्कशॉप पर मरम्‍मत के लिए भेज दिए गए हैं। मुख्‍य अभियंता लेसा आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रांसफार्मरों पर मीटर का होना बहुत आवश्यक है। इसकी जांच करायी जाएगी और जिम्‍मेदार लेसा के अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 

 

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