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दि राइजिंग न्यूज़

लखनऊ।

 

त्रिपुरा में विगत तीन मार्च को आए चुनाव परिणाम के बाद से BJP और IPFT द्वारा वामपंथी नेताओं  के कार्यालयों व घरों पर हमले, साम्यवादी चिंतक लेनिन की मूर्ति पर हमले तथा लोकतंत्र पर हमले के विरोध में वाम दलों ने गुरुवार को लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। हजरतगंज स्थित जीपीओ प्रतिमा पर लखनऊ में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने इसे अराजक तत्वों व समाज में विभेद पैदा करने वालों की साजिश करार दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मूर्ति तोड़ दिए जाने से विचार नहीं मरा करतें। जो लोग प्रतिशोध की भावना में ऐसा कर रहे हैं, उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मार्कवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कार्यालय से शुरु हुई। विरोध मार्च विधान सभा मार्ग से शुरू होकर जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा तक गया। जुलूस का नेतृत्व CPIM पोलित ब्यूरो कगी सदस्या सुभाषनी अली,   माकपा राज्य सचिव कामरेड हीरालाल,  CPIM नेता रमेश सिंह सेंगर आदि ने किया। प्रदर्शन स्थल आयोजित सभा में इन कायराना हमलों की तीखी आलोचना की गई। कामरेड सुभाषनी अली ने कहा कि सवाल लेनिन, गांधी, भगत सिंह, आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने का नहीं है और न ही सवाल चुनाव हार जाने का है। लोग भूल गए हैं की मूर्ति तोड़ने से विचार नहीं मरा करते। वामपंथ तुम्हारे खिलाफ लड़ता रहा है और हमारे कार्यकर्ताओं-दफ्तरों पर हमला करके तुम हमें संघर्ष और शाहदत की विरासत से नहीं हटा सकते।

 

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