Neha Kakkar Crying gets Emotional in Memories of Ex Boyfriend Himansh Kohli

दि राइजिंग न्‍यूज

बाराबंकी।

 

पर्सनल लॉ बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट मौलाना कल्बे सादिक ने अयोध्या में राम मंदिर के सवाल पर कहा कि, वहां जरूर मंदिर बने, बल्कि मंदिर न बने विद्या मंदिर बने। इसका विवाद जब लोग सुलझाना चाहेंगे तो खुद-ब-खुद सुलझ जाएगा। जब नहीं सुलझाना चाहेंगे तो नहीं सुलझेगा, लेकिन इसको सुलझाना चाहिए। डॉ. कल्बे सादिक बाराबंकी के जहांगीराबाद इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए थे। जहां उन्होंने ये बयान दिया।

उन्होंने आगे कहा कि, मदरसों की शिक्षा से ज्यादा बेहतर मॉडर्न एजुकेशन है। हमारे आइडिया बिल्कुल क्लियर कट हैं। हम जब एजुकेशन की बात करते हैं तो हमारी मुराद होती है मॉडर्न एजुकेशन, न की धार्मिक एजुकेशन। धार्मिक एजुकेशन भी जरूरी है, लेकिन जो हमारी प्रॉब्लम है, वह मॉडर्न एजुकेशन है। सैंकड़ों, हजारों मदरसे मौजूद हैं, लेकिन मुसलमानों की जो असल दिक्कत है वो मॉडर्न एजुकेशन की है।

मौलाना ने कहा, मुझे मुसलमानों से प्रॉब्लम आयी है। हिन्दुओं से कभी कोई प्रॉब्लम नहीं आयी। मैं किसी की खुशामद नहीं करता। हिन्दुओं ने मुझे हमेशा इज्जत दी, प्यार दिया। मुसलमानों से पूछिए कि दीन क्या है, धर्म क्या है, तो वह कहेंगे नमाज पढ़ना, रोजे रखना, हज करना। ये सब धार्मिक प्रथाएं हैं, दीन नहीं है।

उन्होंने कहा, दीन वह कैरेक्टर है जो धार्मिक संस्कार को अदा करने के बाद बनता है। मुसलमानों को बिल्कुल भी रिश्वत नहीं लेनी चाहिए।

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