Ishaan Khattar and Jhanvi Kapoor After Dhadak Success

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

लेसा में दो लाख, छह हजार संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं पर करीब 12 अरब रुपये का बकाया है। ये ऐसे उपभोक्‍ता हैं, जिनका लेसा पता लगाने में फेल साबित हो गया है, जबकि लेसा के पास इन उपभोक्‍ताओं की खोज करने के सभी कागजात मौजूद हैं, लेकिन लेसा अभियंता हीलाहवाली कर इन उपभोक्‍ताओं को गायब बताने में जुटे हुए हैं, जो कि किसी बड़े भ्रष्‍टाचार होने का संकेत दे रहा है।

लेसा अभियंता इन संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं की खोज करने को तो दूर इनसे वास्‍ता होने इंकार कर रहे हैं। अभियंताओं की इस करनी से लेसा के राजस्‍व को अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि वहीं दूसरी ओर पॉवर कारपोरेशन की ओर से बकायेदारी और घाटे को दिखाकर हर वर्ष बिजली दरों में बढ़ोतरी की जा रही है।

 

 

ऐसे में सही उपभोक्‍ताओं पर बढ़ रहे बिजली दरों की मार पड़ती जा रही है। मुख्‍य अभियंताओं से लेकर अधिशासी अभियंताओं तक घरेलू उपभोक्‍ताओं बिजली चोर आरोपित करने से नहीं चूक रहे हैं। दूसरी तरफ अरबों का राजस्‍व संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं के नाम जा रहा है। कमीशन की खातिर इन संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं को अभियंता साल दर साल बढ़ाते ही जा रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि कानपुर रोड पर बीते दो वर्ष में संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं पर बकाया बढ़कर 12 हजार लाख से से 18 हजार लाख हो गई।

यही स्थिति बीकेटी और सेस क्षेत्रों की रही। मुख्‍य अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि माम‍ला संज्ञान में आया है, देखकर जांच करायेंगे, ये उपभोक्‍ता कैसे बढ़ रहे है। वहीं बीकेटी के अधिशासी अभियंता राम प्रकाश ने बताया कि ये सभी पहले से ही डिफाल्‍टर उपभोक्‍ता रहे हैं, इनकी बिल देने वाले उपभोक्‍ताओं में कभी गिनती नहीं रही।

 

 

लेसा का यह हाल तो प्रदेश का क्‍या होगा?

यदि लेसा में दो लाख, छह हजार की संख्‍या में संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं पर 1200 करोड़ रुपये का बकाया है तो पूरे प्रदेश में संदिग्‍ध उपभोक्‍ताओं पर कई अरबों रुपये का बकाया होगा। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है, कि इन उपभोक्‍ताओं के गायब होने में कौन जिम्‍म्‍ेादार है। ये उपभोक्‍ता किस तरह से गायब हो सकते हैं, जबकि विभाग की ओर से कनेक्‍शन देने के दौरान सभी जरुरी कागजात रजिस्‍ट्री कापी सहित अन्‍य को जमा कराया जाता है। इन उपभोक्‍ताओं को गायब होने में कहीं न कहीं विभागीय अभियंताओं और बाबुओं की जिम्‍मेदारी कहीं न कहीं बनती जा रही है।

 

 

डिवीजन                    बकायेदारी लाख में

  • ऐशबाग                       3218
  • आलमबाग                    496
  • अमीनाबाद                   2200
  • बीकेटी                      9977
  • सेस एक                    9159
  • सेस दो                     7108
  • सेस तीन                   1034
  • सेस चार                    879
  • चिनहट                    4102
  • चौक                      11811
  • डालीगंज                   2159
  • गोमतीनगर                 698
  • हुसैनगंज                  4260
  • इंदिरानगर                1277
  • कानपुर रोड              18016
  • महा नगर               3084
  • मुंशी पुलिया             1751
  • रहीमनगर               1718
  • राजाजीपुरम              314
  • राजभवन               7058
  • रेजीडेंसी                2837
  • सीतापुर रोड            1223
  • ठाकुरगंज              4270
  • यूनिवर्सिटी             526
  • अपट्रान               844
  • वृन्‍दावन              1577

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