Salman Khan Helped Doctor Hathi

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

ठाकुरगंज स्थित सेंट फ्रांसिस्‍को स्‍कूल में सुबह 10 बजे एक तेंदुआ घुसा तो हड़कंप मच गया। जैसे ही इसकी जानकारी स्‍कूल प्रशासन को हुई तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर वन विभाग, पुलिस, चिड़ियाघर से विशेषज्ञों की टीम पहुंची तो आठ घंटे की कड़ी मशक्‍कत के बाद देर शाम छह बजे घायल अवस्‍था में तेंदुआ को ट्रैंकुलाइज करते हुए कब्‍जे में किया गया।

इस दौरान स्‍कूल के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद लोगों ने जहां राहत की सांस ली तो वहीं स्‍कूल बंद होने के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हो पाई।


 

मूक बधिर स्‍कूल में सुबह 10 बजे प्रधानाचार्या ज्‍योसियन मैदान में किसी काम से निकली थीं। इसी दौरान उन्‍होंने एक जानवर को चर्च की ओर से अंदर आते देखा। इसके बाद वह प्रेयर मैदान के नीचे बने बेसमेंट में चला गया। हालांकि दूरी होने के कारण वह उस जानवर को सही से देख नहीं पाईं। इसलिए उन्‍होंने सीसीटीवी के सहारे मामले की पड़ताल की तो उनके पैर के नीचे से जमीन ही खिसक गई।

 

 

यह कोई और जानवर नहीं बल्कि अच्‍छी खासी लंबाई और शरीर से हष्‍टपुष्‍ट तेंदुआ था। तेंदुआ की पहचान होते ही उन्‍होंने यूपी 100 को जानकारी दी। लगभग 10 मिनट के बाद ही ठाकुरगंज थाने की चौकी और यूपी 100 के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। तुंरत ही पुलिस कर्मियों ने बेसमेंट के दोनों दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान जब यह कार्रवाई चल ही रही थी कि ठाकुरगंज इंस्‍पेक्‍टर दीपक दुबे, क्षेत्राधिकारी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी, एसीएम संतोष सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।

 

इसी बीच तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग और चिड़ियाघर से विशेषज्ञों को भी बुलाया लिया गया। टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए पहले बेसमेंट की छत को तोड़ा और फिर तेंदुए को ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश करते हुए अपने कब्‍जे में किया गया।

 

 

गुर्राने के बीच चला रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन-

विशेषज्ञों की टीम ने जैसे ही ट्रैंकुलाइजर गन के साथ रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन शुरू किया तो तेंदुआ जोर-जोर से गुर्राने लगा। उसकी यह आवाजें करीब 50 मीटर के आसपास तक आसानी से सुनी जा सकती थीं। बेसमेंट के दोनों दरवाजे बंद होने के कारण तेंदुआ खिड़कियों से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था। इसी बीच उसे लगातार लोहे की रॉड और डंडों से पीटा जा रहा था। इससे तेंदुए के चेहरे पर कई जगह चोट भी लग गईं और खून से उसका मुंह भर गया।

 

हालांकि इसके बाद भी वह पकड़ में नहीं आ रहा था। कई घंटों की मशक्‍कत के बाद टीम ने बेसमेंट की छत को तोड़ने का काम शुरू किया। ड्रि‍ल मशीन से हो रही तेज आवाज से परेशान होकर तेंदुआ और जोर से गुर्राने और दहाड़ने लगा। हालांकि जैसे ही छत टूटी तो टीम ने ट्रैंकुलर गन से फायर करनी शुरू करी दी। इस दौरान एक-एक करके तीन बार गन से फायरिंग की गई।

 

करीब आधे घंटे बाद जब तेंदुआ बेहोश हुआ तो टीम उसे अपने कब्‍जे में ले पाई। इसके बाद उसे जाल में कैद करते हुए वन विभाग और चिड़ियाघर की टीम रवाना हो गईं।

 

 

 

टल गया बड़ा हादसा-

सुबह 10 बजे के आसपास जिस समय तेंदुआ स्‍कूल परिसर में घुसा सामान्‍यतया उस दौरान स्‍कूल की प्रार्थना हुआ करती थी लेकिन जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने ठंड के कारण सभी स्‍कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। इसलिए शनिवार को अवकाश था। यदि अवकाश ना होता तो उस समय बच्‍चे मैदान में ही होते और कोई भी बड़ी अप्र‍िय घटना हो सकती थी। इस तरह अवकास के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

 

 

 

“ठाकुरगंज के स्‍कूल में जो तेंदुआ घुस आया था उसे विशेषज्ञों की टीम ने पकड़ लिया है। अब खतरे की कोई बात नहीं है। हालांकि यह तेंदुआ कहां से और कैसे आया इस बारे में कुछ कहना जल्‍दबाजी होगी। तेंदुआ बेसमेंट में घुस गया था। इसलिए उसे पकड़ने में अच्‍छी-खासी मशक्‍कत करनी पड़ी। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी संख्‍या में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया था, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।”

संतोष सिंह

एसीएम

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