Baaghi 2 Assistant Director Name Came in Physical Assault

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

इंटेलिजेंस ब्‍यूरो की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में निकाय चुनाव के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हो सकती है। इसके मद्देनजर प्रदेश को केंद्र से 40 कंपनी केंद्रीय बल मिलने का आश्‍वासन मिल चुका है। इसके लिए खुद राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त एसके अग्रवाल ने गृह मंत्री से बात भी की थी। मामले पर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनन्‍द कुमार ने बताया कि केंद्रीय बलों को कानून व्‍यवस्‍था में गड़बड़ी होने की आशंका पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा जाएगा। उल्‍लेखनीय है कि निकाय चुनाव के दौरान सिविल पुलिस ही मुख्‍य भूमिका में होगी।

 

मतदान से पूर्व और प्रचार के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्‍यवस्‍था को चुनौती देने वाले अराजक तत्‍वों पर काबू पाने के लिए निर्वाचन आयोग और पुलिस ने रणनीति तैयार कर ली है। इसमें पूर्व निर्धारित फोर्स और अतिरिक्‍त पुलिस बल की महत्‍वपूर्ण भूमिका होगी। इसमें छह कंपनी बीएसएफ, चार कंपनी आईटीबीपी, 22 कंपनी सीआरपीएफ और आठ कंपनी आरएएफ मौजूद रहेगी। एडीजी ने बताया कि राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त एसके अग्रवाल खुद गृहमंत्री से मिलकर फोर्स देने का अनुरोध किया था। यह फोर्स जल्‍द ही प्रदेश को मिल जाएगी। 

ड्रोन लगाने की योजना-

 

अतिसंवेदनशील प्‍लस पोलिंग बूथों में ड्रोन कैमरे से निगरानी करने का प्‍लॉन तैयार किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के आसपास के हिस्‍सों में आसानी से निगरानी की जा सके। इसके लिए प्रशिक्षित ड्रोन उड़ाने वाले पुलिस कर्मियों को भी फोर्स में शामिल किया गया है। ताकि‍ मौके पर इससे भी मदद ली जा सके। साथ ही साथ बवाल, गंभीर विवाद और संवेदनशील मामलों में भी ड्रोन कैमरा बेहतर काम करेंगे।

विधानसभा चुनाव की तरह रहेगी सुरक्षा-

 

एडीजी लॉएडऑर्डर के अनुसार निकाय चुनाव की सुरक्षा को विधानसभा चुनाव की तरह ही कराने की योजना बनाई गई है। इसलिए जिस तरह से विस चुनावों में फोर्स को भेजा गया था उसी तरह से निकाय चुनाव में भी फोर्स को भेजा जाएगा। बस अंतर केवल इतना रहेगा कि जहां पर केंद्रीय बल तैनात थे वहां पर यूपी पुलिस बल तैनात रहेगा। चुनाव के दौरान पीएसी, सिविल पुलिस और होमगार्ड मुख्‍य भूमिका निभाएंगे। जो भी बल भेजा जा रहा है उसका रिजर्व फोर्स भी हर पल तैयार रहेगा जो आवश्‍यकता पड़ने पर सक्रिय होगा।

जोन से होगी आपूर्ति-

 

किस जोन में कितनी फोर्स की आवश्‍यकता होगी इसकी सूची तैयार हो रही है। यह काम जोन स्‍तर पर किया जा रहा है। जिस जोन पर आईजी तैनात हैं वहां पर आईजी और जहां पर एडीजी जोन बनाएं गए हैं वहां पर एडीजी इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहें हैं। रेंजवार फोर्स डिप्‍लाय की योजना बनने के बाद इसकी कमान रेंज अधिकारी के पास होगी। जिसमें प्रत्‍येक जिले के अतिसंवेदनशील प्‍लस मतदान केंद्रों को विशेष पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा। इतना ही नहीं यदि चुनाव के दौरान अतिरि‍क्‍त फोर्स की जरूरत होती है तो भी जोन मुख्‍यालय ही इसकी व्‍यवस्‍था करेगा। उल्‍लेखनीय है कि प्रत्‍येक जिले के कुल मतदान केंद्रों का 10 प्रतिशत अति संवेदनशील प्‍लस मतदान केंद्र घोषित किए गए हैं। 

“प्रदेश में निकाय चुनाव तीन चरणों में होने हैं। इसके मद्देनजर किसी भी गंभीर समस्‍या या कानून व्‍यवस्‍था के बिगड़ने की संभावना पर केंद्रीय बल मौजूद रहेगा। यह फोर्स भारी संख्‍या हमें मिल रहा है। इसका उपयोग साम्‍प्रदायिक तनाव, गंभीर बवालों या फिर ऐसी जगह प्रयोग किया जाएगा जहां पर इस फोर्स की सबसे अधिक जरूरत होगी। हालांकि सामान्‍य रूप से उत्‍तर प्रदेश पुलिस ही चुनाव को संपन्‍न करवाएगी।”

आनन्‍द कुमार

एडीजी, लॉ एंड आर्डर  

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