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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

चुनाव प्रचार के दौरान यह भी देखने को मिलता है कि कोई अनजान व्‍यक्त्‍िा किसी प्रार्टी या प्रत्‍याशी का चुनाव प्रचार कर रहा होता है, जबकि इस बेनामी प्रचार का आशय केवल प्रत्‍याशी को ठेस पहुंचाना होता है।

इसके अंतर्गत बैनर, पंपलेट, पेपर जैसी चुनावी प्रचार सामग्री पर प्रत्‍याशी का नाम ना देकर केवल सौजन्‍य से पार्टी का नाम दे दिया जाता है या फिर अक्‍सर नाम ही गायब कर दिया जाता है। अब ऐसे प्रचार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है और फर्जी तरीके से प्रचार सामग्री पाए जाने पर सीधे मुकदमा दर्ज होगा।

 

 

जिस भी प्रत्‍याशी को अपनी चुनाव प्रचार सामग्री छपवानी होगी उसे जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति उसके लेटर पैड पर या फिर सादे कागज पर होगी। इसके बाद प्रशासन उस पत्र को संबंधित थाने से सत्‍यापित करवाएगा। य‍ह सत्‍यापित कॉपी आने के बाद प्रशासन भी प्रत्‍याशी से पूछताछ करेगा कि उसने ऐसी कोई अनुमति मांगी है या नहीं।

इसके बाद उसे निर्धारित मानकों और मात्रा में चुनाव सामग्री जारी करने की अनुमति मिलेगी। साथ ही साथ जो भी प्रत्‍याशी जहां से भी पेपर, पंपलेट आदि प्रिंट कराएगा उस प्रिंटिंग प्रेस का नाम-पता साफ-साफ लिखा होना अनिवार्य है। ऐसा ना होने पर इसे आचार संहिता का उल्‍लघंन मानते हुए उसके खिलाफ नोटिस जारी होगी। 

 

 

निकाय चुनाव में आयोग ने ऐसे लोगों पर सख्‍ती बरती है जो प्रत्‍याशी और प्रशासन की अनुमति के बगैर उसका प्रचार करते हैं और चुनावी खर्चा उसके खाते में जोड़ा जाता है। इससे निपटने के लिए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से लेकर चुनाव सामग्री तक जब्‍त की जा रही है।

 

 

उल्‍लेखनीय है कि बीते दिनों गाजीपुर थाना क्षेत्र के भाजपा समर्थित पार्षद प्रत्‍याशी रमेश यादव का चुनाव प्रचार करते एक ई-रिक्‍शा पकड़ा था। चालक वीरेंद्र यादव पूछताछ के दौरान किसी प्रकार का अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया तो उसके खिलाफ और प्रत्‍याशी रमेश यादव के खिलाफ गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई हुई थी।

 

 

“चुनाव प्रचार सामग्री के लिए प्रत्‍याशियों के बहुत से आवेदन आए थे। जिनमें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्‍हें सामग्री छपवाने की अनुमति दे दी गई है। इसी के साथ चुनाव प्रचार की सभाओं के लिए भी प्रत्‍याशियों ने आवेदन किया था, जिसमें संबंधित थाने से रिपोर्ट आने के बाद अनुमति दी जाएगी। हालांकि शुक्रवार तक केवल हुसैनगंज थाना क्षेत्र से ही प्रार्थना पत्र आया था।”

गौरव रंजन श्रीवास्‍तव

मजिस्‍ट्रेट, निर्वाचन अधिकारी

 

 

“निकाय चुनाव के दौरान फर्जी प्रचार सामग्री पर रोक लगाने के लिए सभी एसीएम, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को साफ तौर से आदेश दिए गए हैं। प्रत्‍याशी की स्‍वीकृति के बाद ही चुनाव सामग्री छपवाने की अनुमति दी जा रही है। इसके लिए भी प्रशासनिक अधिकारियों को कह दिया गया है। इस दौरान यदि कोई भी व्‍यक्ति किसी के भी चुनाव सामग्री के साथ पकड़ा जाता है और वह सही जवाब नहीं दे पाता तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा और उस सामग्री को जब्‍त कर लिया जाएगा।”

कौशल राज शर्मा

जिलाधिकारी

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