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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

अगर बस अड्डे पर आपके परिवार का कोई बुजुर्ग या विकलांग सदस्य बस से सफर करने जा रहा है, तो उन्हें बस में बैठाने आप जरूर जाएं। कारण है कि इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत रोडवेज ने बस अड्डे पर तैनात किए गए यात्री मित्र हटा लिए हैं। रोडवेज कहे या फिर आईटीएमएस के तहत काम कर रही ट्राइमैक्स संस्था ने अपने कर्मी हटा दिए हैं। उनके स्थान पर केवल रोडवेज कर्मियों की हेल्पडेस्क बना दी गई है। जिस पर अमूमन एक दो कर्मी तैनात रहते हैं।

खास बात यह है कि आईटीएमएस के तहत कार्यदायी संस्था ने शुरू में बस अड्डों पर यात्री मित्र तैनात किए थे। इनका काम वरिष्ठ यात्रियों –महिला यात्रियों को बस तक पहुंचाना या फिर बस अड्डे पर होने वाली दिक्कत में मदद करना था। लेकिन बीच में ही यह व्यवस्था बंद कर दी गई। खास बात यह है कि ट्राइमैक्स संस्था को प्रति टिकट पहले 44 पैसा दिया जा रहा था। कई साल तक संस्था ने यह पैसा कमाया। अब यात्री मित्र हटा दिए गए और उसके एवज में पांच पैसा प्रति टिकट कम कर दिया। यानी 37 पैसा प्रति टिकट ट्राइमैक्स को मिल रहा है। इसके जरिए कंपनी हर महीने लाखों रुपये वसूल रही है जबकि बस अड्डे पर यात्री सुविधा शून्य हो चुकी है।

अधिकारियों के मुताबिक ट्राइमैक्स के द्वारा अब केवल बसों में ई टिकटिंग, एमएसटी डेस्क तथा एक दो और काम देखे जा रहे हैं। इसके एवज में संस्था को 37 पैसा प्रति टिकट दिया जा रहा है। जबकि बस अड्डे पर व्यवस्था रोडवेज खुद भी संभाल रहा है।

कैसरबाग बस अड़डे के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज शर्मा भी मानते हैं कि जानकारी के अभाव में  बस अड़डे पर मौजूद कई या‍त्रियों को परेशानी का सामना करना पडता है। लोग जानकारी के लिए परेशान रहते हैं। यात्री मित्र न होने के कारण बस अड़डे पर स्‍पेशल हेल्‍प डेस्‍क बनायी है। जिस पर रोडवेज के ही कर्मी यात्री मित्र के रूप में तैनात किए गए हैं। इनके द्वारा यात्रियों को सही जानकारी दी जाती है। इसके अलावा परिसर के साफ-सफाई की व्‍यवस्‍था को देखने लिए संविदा पर दो कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यात्री सुविधाओं का रख-रखाव, वाटर एटीएम,वाटर कूलर एवं वातानू‍लित प्रतिज्ञालय समेत यात्री सुविधा जुडी से व्‍यवस्‍था देखने की जिम्‍मेदारी भी रोडवेज कर्मियों द्वारा की जा रही है।

 

"यात्री मित्र काफी समय पहले ही हटा लिए गए थे। अब उनकी जगह नियमित कर्मियों की डेस्क हैं। ऐसा क्यों हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। अब ट्राइमैक्स केवल ईटीएम, एमएसटी बुकिंग आदि काम ही देख रही है।"

एके सिंह

क्षेत्रीय प्रबंधक 

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