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दि राइजिंग न्यूज

लखनऊ।

 

गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन कांड के बाद चर्चा में आए डा. कफील अहमद ने गोरखपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस प्रमुख से शिकायत करने पहुंचे डा. कफील अहमद ने बताया कि मेडिको लीगल के नाम पर गंभीर रूप से घायल उनके भाई को उपचार मिलने में देरी हुई। पुलिस के आचरण के समय से गोल्डन आवर्स का काफी समय बीत गया। उनके उपचार में अवरोध पैदा करने की कोशिश की गई। इस मामले में उन्होंने एसपी सिटी विनय कुमार सिंह तथा सीओ प्रवीण सिंह को आरोपित किया है।

डा. कफील अहमद ने बताया कि गत दस जून को उनके भाई कासिफ जमील को रात सवा दस बजे के करीब हत्या के इरादे से गोली मारी गई थी। दो गोलियां आरपार हो गई थीं जबकि एक गोली गले में फंस गई थी। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए स्टार अस्पताल ले जाया गया था, जहां घायल को प्राथमिक उपचार मिलने वाला था, उसी वक्त सीओ प्रवीण सिंह पहुंच गए और मेडिको लीगल के लिए सदर अस्पताल ले जाने को कहा। सदर अस्पताल में डाक्टरों ने मेडिको लीगल के बाद डाक्टरों ने गर्दन में फंसी गोली तुरंत निकलवाने को कहा। इसके बाद एक न्यूरोसर्जन को भी तैयार किया लेकिन तभी एसपी सिटी विनय कुमार सिंह व सीओ प्रवीण सिंह वहां पहुंच गए और बीआरडी मेडिकल कालेज में मेडिकोलीगल के बाद ही उपचार या आपरेशन होने की बात कहीं।

बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने यह कहकर मना कर दिया कि एक बार सदर अस्पताल में मेडिको लीगल हो चुका है तो दोबारा यहां नहीं होगा। यही नहीं अस्पताल ने गर्दन से गोली निकालने के लिए किसी विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण इलाज से भी मना कर दिया। इसके चलते करीब साढ़े तीन चार घंटे तक कासिफ का उपचार नहीं हो सका। घायल कासिफ आज भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। डा. कफील अहमद ने दोनों पुलिस अधिकारियों पर अभियुक्तों से मिलकर घायल कासिफ के उपचार में देरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि आखिर किस कारण से दोनों पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे तक घायल का उपचार नहीं होने दिया। इसके बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएं।

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