Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

अमीनाबाद में उपभोक्ता की गलत बिलिंग करने के मामले में लेसा के अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव ने बिलिंग कंपनी महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कर दी लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की। कर्मचारी उसी तरह से बिलिंग कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता आरके श्रीवास्तव तथा मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार बेबसी जताते हैं कि बिलिंग कराने के लिए कोई विकल्प नहीं है। अब जो करना होगा पुलिस करेगी। सवाल यह है कि पुलिस आखिर क्या कार्रवाई करेगी और कब करेगी। दरअसल यह है कि लेसा की हकीकत। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने गलत बिलिंग व उपभोक्ताओं का शोषण करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था लेकिन उसका अनुपालन किस तरह से हो रहा है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। 

लेसा के मुख्‍य अभियंता आशुतोष कुमार बताते हैं कि अमीनाबाद और डालीगंज में कंपनी महालक्ष्‍मी और ईडों कॉप पर मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन वहीं चिनहट में वेदान्‍तम ने अपने आदमी पर स्‍वयं ही मुकदमा दर्ज करा दिया था। फर्जी बिलिंग के मामले में अमीनाबाद और डालीगंज में दोनों कंपनियों से अपने आदमियों पर कार्रवाई के लिए कहा गया, लेकिन उन्‍होंने ऐसा करने से इंकारकर दिया। जिसके बाद कंपनी पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मगर यह कंपनियां आखिर उपभोक्ताओं की बिलिंग क्यों कर रही है, इसका जवाब उनके पास नहीं है। खास बात यह है कि यह वहीं मुख्य अभियंता है जो कि स्टोर रीडिंग के प्रकरण को लेकर खासे चर्चा में रहते हैं। मीटर रीडर से स्टोर रीडिंग का हिसाब कभी नहीं मांगा जाता है, बल्कि उपभोक्ता को चोर ठहराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती है। आशुतोष कुमार ने बताया कि दोनों कपंनियों का 30 दिसम्‍बर तक लेसा में बिलिंग करने का करार है, इससे उन्‍हें नहीं रोक सकते। हमारे पास बिलिंग कराने के लिए कोई अतिरिक्‍त विकल्‍प नहीं है।

बिलिंग ठेकों में ही भ्रष्टाचार

 

दरअसल लेसा में बिलिंग के ठेकों में जबरदस्त भ्रष्टाचार है। उच्च स्तर पर टेंडर की पूलिंग अधिकारियों की मिलीभगत से कराई जाती है। नतीजा यह है कि जितने दागी कर्मचारी हैं, वे जिस एजेंसी के नाम पर ठेका होता है. उसमें पहुंच जाते हैं। कागजों पर भले ही कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन व परिचय पत्र की बाध्यता हो लेकिन हकीकत में कमीशन के चक्कर में सब किनारे हो जाता है। खास बात यह है कि बिलिंग का काम हो या फिर मीटर रीडिंग – चेकिंग हर जगह ऐसे कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनकी शैक्षिक योग्यता आठवीं पास भी नहीं है। जबकि खंड के अभियंता कभी भी इस बात को लेकर कोई आबजेक्शन तक नहीं करते। सवाल यह है कि जिन मीटरों की रीडिंग व जांच के लिए लेसा अलग शाखा बनाए हुए हैं, वहां अंगूठाटेक – बेहद कम पढ़े लिखे कारिंदे उपभोक्ताओं के यहां रीडिंग ले रहे हैं और लेसा आंख मूंद उनकी रीडिंग को सही मानता है।

इधर टकराव लगातार जारी

 

एक तरफ पावर कार्पोरेशन अध्यक्ष गलत बिलिंग करने वाली एजेंसी –कर्मी पर कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ एजेंसियां उपभोक्ता का शोषण करने में जुटी है। इसी तरह का मामला सोमवार को विश्वविद्यालय स्थित बिलिंग सेंटर पर देखने को मिला। जहां उपभोक्ता की रीडिंग से अधिक का बिल बनाकर दिया गया तो वहां मौजूद कर्मचारी ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया। इसे लेकर टकराव की नौबत आ गयी। इस बावत पूछने पर मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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