Akshay Kumar and Priyadarshan Donated to Save Flood Affected People in Kerala

दि राइजिंग न्‍यूज

सभी फोटो- कुलदीप सिंह

लखनऊ।

 

टूटी और टपकती छत... जर्जर हॉल रूम और छत से झांकती लोहे की सरिया व रॉड। जो शहर की हिफाजत करते हैं उनके खुद के आशियाने ऐसे हैं।

 

 

ये तस्‍वीर है राजधानी स्थित रिजर्व पुलिस लाइन की है।

 

 

हालात ऐसे हैं कि कोई बाहरी इन कमरों में सोने पहुंच जाए तो दहशत से ही उसकी नींद उड़ जाए। मगर, जांबाज सिपाही और दरोगा इसमें सालों से रह रहे हैं। इन मकानों को देखकर लगता है कि पता ही नहीं ये कब गिर पड़ें।

 

 

पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस लाइन किसी भूतिया महल से कम नहीं। यहां की जर्जर इमारतें, शौचालय और कंडम बैरकें लाइन की दुर्दशा बता रही हैं। यहां गलियारे में भी यातायात कर्मियों की चारपाई पड़ी रहती है। जिससे ना केवल आने-जाने वाले लोगों को दिक्‍कत होती है बल्कि वहां पर लेटे हुए जवानों को भी समस्‍या होती है। कमरे की छत, दरवाजों और खिड़कियां की हालत देखते नहीं बनती।

 

 

 

छत वाले पंखे के पास का प्‍लास्‍टर टूटकर नीचे गिर चुका है, जिससे छत कभी भी ढह सकती है। दीवाल का प्‍लास्‍टर भी गिर चुका है और पानी की टंकियों की भी हालत खस्‍ता है। यहां दो टंकियां हैं, जिसमें एक में पानी कभी-कभी आता है और दूसरी में काफी दिनों से आया ही नहीं है।

 

 

 

इस पूरे मामले में आरआइ एमपी सिंह ने कहा कि इसकी तो मुझे जानकारी नहीं है कि बजट कितना आता है। मरम्‍मत कार्य हम जल्‍द ही शुरू करवाएंगे।   

 

 

 

 

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