Neha Kakkar First Time Respond On Question Of Ex Boyfriend Himansh Kohli

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बुधवार को एलयू (लखनऊ यूनिवर्सिटी) में हुए उपद्रव को लेकर लविवि की पूर्व कुलपति व सामाजिक कार्यकत्री रूप रेखा वर्मा पर उपद्रव और शिक्षकों पर हमला करवाने में शामिल होने का आरोप लगा है। इस मामले में आज रेखा वर्मा ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा है कि उनके ऊपर लगे हुए सभी आरोप निराधार हैं।

मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा

साथ ही उन्होंने लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने बिना जांच किए ही उनको उपद्रव वाले दिन विवि में उपस्थित होना बताया है, जबकि उस दिन वो वहां पर मौजूद ही नहीं थी। मुझे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।

रेखा वर्मा ने बताया कि जिस समय वह लविवि की कुलपति रहीं उस समय ये हालात नहीं थे, लेकिन इस वक्त के हालात कुछ और ही बता रहे हैं। जो कहीं न कहीं मौजूदा कुलपति एसपी सिंह की गलतियां रही हैं। साथ ही उन्‍होंने बताया है कि जब सभी छात्र प्रदर्शन कर रहे थे तब भी किसी ने छात्रों से मिलने को उचित नहीं समझा। अगर उनके द्वारा एक बार भी छात्रों से बात की गई होती तो शायद ये घटना नहीं घटती।

 

उन्‍होंने कहा, चार जुलाई को लखनऊ विश्वविद्यालय में जिस तरह का उपद्रव हुआ उस उपद्रव में मैं नहीं थी शामिल। किसी के पास भी मेरे वहां होने का प्रमाण नहीं है। मैं चार जुलाई को विद्यालय परिसर के दो किलोमीटर की दूरी में भी नहीं आई थी।

तीन जुलाई को गई थी विश्‍वविद्यालय

पूर्व कुलपति ने कहा, तीन जुलाई को मैं और मेरे साथी विश्वविद्यालय परिसर में गए थे। मैं इस बात को खुलकर कहती हूं। मैं वहां लोकतांत्रिक एवं पारदर्शी प्रक्रिया और विश्वविद्यालय प्रशासन एवं भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं के साथ हो रहे व्यवहार की पैरवी करने गईं थी। ताकि छात्र-छात्राओं एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच पारदर्शिता बनी रहे।

 

 

उन्‍होंने कहा, मुझे किसी छात्र संगठन की ओर से फोन आया था और उन्होंने समर्थन की बात कही थी। मैंने पहले बात समझी कि पूजा शुक्ला नाम लड़की के साथ अन्याय हो रहा है, उसको एडमिशन नहीं दिया जा रहा है। मैंने प्रशासन से मांगी थी कि एडमिशन ना होने का सही आधार बताया जाए। अगर वह आधार सही है तो एडमिशन नहीं होना चाहिए और अगर वह गलत है तो उसको एडमिशन का अधिकार है।

रेखा वर्मा ने कहा कि तीन जुलाई और चार जुलाई को विश्वविद्यालय में जो उपद्रव और घटनाएं हुई हैं। वह दोनों घटनाएं बिल्कुल अलग हैं। इस बात की पुष्टि भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राएं करेंगे कि जिन्होंने उपद्रव किया है, उनसे मेरा कोई संबंध है या नहीं है।

उन्‍होंने कहा, जिन छात्रों का इसमें नाम आया है मैंने तो आज तक उनका नाम भी नहीं सुना है। पहली बार अखबार व न्यूज़ चैनल के माध्यम से मैंने नाम सुने हैं।

आरोप पत्र में मेरा नाम भी शामिल

रेखा वर्मा ने आगे कहा कि सूत्रों के हवाले से मुझे पता चला कि मेरा नाम भी आरोप पत्र में शामिल है। जज विक्रम सिंह ने एसएसपी दीपक कुमार से पूछा था कि क्या रूपरेखा वर्मा इस उपद्रव की साजिश में शामिल थीं तो एसएसपी ने कहा कि रूपरेखा वर्मा उपद्रव की साजिश में शामिल थीं, लेकिन यह साफ नहीं हो पा रहा है कि बात किसने कही। आरोप पत्र की कॉपी सोमवार को प्राप्त होगी और तब मैं आधार के साथ बताऊंगी।

 

उन्‍होंने कहा कि कोर्ट में चार जुलाई या तीन जुलाई की तारीख का जिक्र नहीं किया गया, सिर्फ इतना कहा गया कि इनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। अगर हमारे खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होता है, तो हम उसका डटकर सामना करेंगे। हम अपनी बात बताएंगे जब तक हमारे पास सांस है। हम लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जीवन भर लड़ते रहेंगे।

राज्‍यपाल के सामने रखेंगे अपनी बात

उन्‍होंने कहा, अमूमन मैंने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया और ना ही हिंसा का कभी समर्थन किया है। अगर जायज हुआ तो बड़ी हिंसा के लिए छोटी हिंसा करनी पड़े तो जरूर करेंगे। जिस तरह चार जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर में उपद्रव हुआ है, मैं उसका समर्थन नहीं करती।

हम अपनी बात उत्तर प्रदेश के राज्‍यपाल राम नाईक के पास रखेंगे। इसके संबंध में हमारा डेलीगेशन जाकर गवर्नर से मिलेगा। मैं जाऊंगी या नहीं यह अभी तय नहीं है।

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