Rani Mukerji to Hoist the National flag at Melbourne Film Festival

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

राजधानी में प्रदूषण रोकने की सारी कवायद महज गणेश परिक्रमा बन कर रह गई है। राजधानी में नगर निगम को केवल हजरतगंज, सीएम आवास तथा जिलाधिकारी कार्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग पर ही प्रदूषण दिख रहा है। इन इलाकों में रोज सुबह कई–कई टैंकर पानी भी डाला जा रहा है, लेकिन राजधानी के बाकी इलाकों में मुख्य मार्गों पर मिट्टी–भवन निर्माण सामग्री ढेर हैं। हालांकि एक अपर नगर आयुक्त इस बावत कुछ भी बोलने से इंकार कर देते हैं।

 

 

दरअसल, राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। इसके बाद सरकार से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक सख्त हो गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए व्यस्त मार्गों पर मिट्टी–धूल को कम करने के लिए छिड़काव करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी को इसके लिए नोडल अधिकारी बनाया गया था। फटकार लगने के बाद नगर निगम हरकत में आया। शुरुआती दिनों में कुछ क्षेत्रों में सुबह सड़क पर पानी डाला जाने लगा, लेकिन उसके बाद पिछले एक सप्ताह से यह सारा कवायद केवल वीआइपी इलाकों तक ही सिमट गई। यानी हजरतगंज चौराहे से राजभवन–गोल्फ क्लब चौराहा। उसके आगे न पीछे।

रोज सुबह यहां पर पानी डाला जा रहा है। जबकि अत्यंत व्यस्त रहने वाले मेडिकल कालेज चौराहा, नाका चौराहा, चौक –डालीगंज में नगर निगम ने पानी डलवाना तो दूर यहां पर मिट्टी के ढेर तक साफ करान की जहमत नहीं उठाई।

 

 

 

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तो प्रदूषण वर्ना

ऐसा नहीं है कि नगर निगम को इन इलाकों की जानकारी नहीं है। दरअसल, पिछले दिनों कंवेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पहुंचना था। लिहाजा नगर निगम का पूरा अमला वहां पर सुबह से ही सक्रिय हो गया था। शाम तक टैंकर से पानी डाला जाता रहा। आवारा पशु पकड़े जाने लगे, लेकिन सारी कवायद केवल एक दिन की थी। उसके बाद से नगर निगम के कर्मचारी–अधिकारी गधे के सिर से सींग की तरह से नदारद है।

 

 

नतीजा यह है कि डालीगंज में मुख्य मार्ग पर सड़े–फल सब्जी से लेकर कूड़े के ढेर हैं। चौक में मुख्य मार्ग पर मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। इसी के बीच वाहन चल रहे हैं। मुख्य मार्ग पर ही कई स्थान पर कूड़ा सड़ रहा है। मगर जिलाधिकारी चुनाव की मतगणना में व्यस्त हैं तो नगर निगम के अधिकारी दफ्तरों में बैठ कर आबोहवा को दुरुस्त करने की कवायद में जुटे हैं।

 

 

एक भी निर्माण को नोटिस नहीं

राजधानी में प्रदूषण स्तर बढ़ने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्वयं उन निर्माण स्थलों को नोटिस जारी करने का दम भरा था, जहां पर भवन निर्माण सामग्री के साथ धूल–गर्दा ज्यादा उड़ रहा है। जिलाधिकारी ने भी एलडीए व नगर निगम को शहर में बनने वाले ऐसे स्थानों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे लेकिन एक भी अभियंता–अधिकारी नहीं निकला। नतीजा यह है कि हर इलाके में भवन निर्माण सामग्री के ढेर सड़ पर लगे हैं। दिन भर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll