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दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

लेसा से बिजली बकाया वसूली अभियान केवल मध्यम और गरीब वर्ग तक ही सीमित होकर रह गया है। लाखों रुपये के बकायेदारों के कनेक्शन वैसे ही चल रहे हैं, जबकि छोटे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट कर लेसा अपना गुडवर्क दिखा रही है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण दो दिन पूर्व बटलर पैलेस में चला वसूली अभियान था। इसमें कनेक्शन तो काटे गए, लेकिन फिर आकाओं के फोन बजते ही कनेक्शन जुड़ने भी लगे।

मामला पावर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष तक पहुंचा तो फिर कनेक्शन कट गए। सवाल यह है कि साल भर बकाया वसूली अभियान चलने के बावजूद राजस्व बकायेदारी इतनी तेजी कैसे बढ़ रही है। 

अभियंताओं के द्वारा किसी रसूखदार उपभोक्‍ता का कनेक्‍शन काटा भी जाता है तो ऊपर से पड़ने वाले दबाव के चलते महज कुछ चंद घंटों में दोबारा से कनेक्‍शन जोड़ दिया जाता है। वहीं निम्‍न एवं मध्‍यम वर्ग के लोग दोबारा से कनेक्‍शन जुड़वाने के लिए महीनों तक बिजली घर के चक्‍कर लगाते रहते हैं। 

दरअसल,  बुधवार को  राजभवन डिवीजन के अन्‍तर्गत बटलर पैलेस में लाखों रुपये का बकाया होने के चलते कुछ माननीय लोगों की बिजली काट दी गयी थी। रसूखदार उपभोक्‍ताओं की ऊची पहुंच के आगे लेसा अभियंताओं को झुकना पड़ा। जिसका नतीजा रहा कि महज कुछ घंटों के बाद दोबारा से बिजली कनेक्‍शन जोड़ना पड़ा।

लेसा अभियंताओं के अनुसार कनेक्‍शन काटे जाने के बाद उपभोक्‍ता का कनेक्‍शन जोड़ने के लिए काफी दवाब बनाया गया, लेकिन सुबह होते ही पावर कॉर्पोरेशन के अध्‍यक्ष के एक्‍शन में आने के बाद लाखों रुपये के बकायेदार उपभोक्‍ता की एक न चली। कॉर्पोरेशन के अध्‍यक्ष के निर्देश के बाद दोबारा से बिजली कनेक्‍शन काट दिया गया।

राजभवन डिवीजन के अधिशासी अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि लाखों रुपये के बकाये के चलते बुधवार को उज्‍जवल रमण सिंह के आवास की बिजली काट दी गयी थी। उन्‍होंने बताया कि गुरुवार को उनके द्वारा पचास हजार रुपये एवं मार्च तक बकाया भुगतान किये जाने का पत्र दिये जाने के बाद दोबारा से उनकी बिजली जोड़ दी गयी। उन्‍होंने बताया कि दूसरे उपभोक्‍ता प्रशान्‍त शर्मा पर एक लाख तिरासी हजार रुपये का बकाया है। बकाया न जमा करने के चलते उनके आवास की बिजली काटी गयी है।

कैसे बढ़ रही बकायेदारी?

पिछले चार साल से लगातार बिजली का राजस्व वसूली अभियान चल रहा है। हर महीने बकाया वसूली, डिस्कनेक्शन में लगी एजेसिंयों को लाखों रुपये का भुगतान भी हो रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं की बकायेदारी भी बढ़ती जा रही है। यह सीधे तौर पर अभियंताओं और संविदा कर्मियों के भ्रष्टाचार का प्रतीक है।

सरकारी कालोनियों में अभियंताओं की सांठगांठ पर बिजली आपूर्ति की जा रही है तो चारबाग, अमीनाबाद, चौक, ठाकुरगंज में उपभोक्ताओं को गायब कर राजस्व ही दाखिल दफ्तर किया जा रहा है। इन खंडों में फिक्टीशियस उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसके लिए कई बार टीमें गठित कर जांच कराने का दम भी मध्यांचल प्रबंधन ने भरा, लेकिन जांच कहीं नहीं हुई।

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