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उनकी है अपील कि साथ हमारा दें...

Lucknow | 12-Jan-2018 12:55:07 | Posted by - Admin
  • बाराबंकी में शराब से हुई मौतों पर शुरू हुई सियासत

  • जहरीली शराब के बजाए ठंड को बनाया जा रहा है कारण

   
Case of Deaths by Poisonous Liquor in Barabanki

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

प्रख्यात कवि दुष्यंत कुमार की लाइनें हैं... उनकी है अपील कि साथ हमारा दें, चाकू की पसलियों से गुजारिश तो देखिए...। बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से हुई करीब दर्जन भर मौतों में भी सरकार के प्रयास कुछ इसी तरह से हैं। आपने पहली बार सुना होगा कि शराब से मौत होने के मामले में शराब के ठेकेदार ही मदद और माली इमदाद बांटने पहुंच गए। महकमा भी उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर मशक्कत में जुटा रहा है और मकसद था, शराब के बजाए ठंड को मौत का कारण साबित करना है।

सरकार ने भी आनन-फानन दो-दो लाख का मुआवजा भी पीड़ितों के लिए घोषित कर दिया। मगर इस तेजी का मामला सामने आया तो अब सियासत तेज हो गई है।

 

 

बाराबंकी में शराब के कारण हुई मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी कटाक्ष करते दिखने लगे, उन्होंने सरकार से कम से कम मौतों की सही वजह ही बताने को कहा। वहीं सरकार इसे ठंड से होने वाली मौत करार देने में जुटी है।

 

 

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं से लेकर आबकारी विभाग भी प्रथमदृष्टया मौत की वजह ठंड करार दे रहे हैं लेकिन यह नहीं बता पा रहे कि आखिर शराब पीने वाले लोगों को ही ठंड कैसे लग गई। पारा इतना कम था तो मौत और भी होनी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं रहा। वहीं शराब कारोबारियों की अचानक जाग्रत हुई मानवता और सरकारी विभागों का सहानभूति पूर्ण रवैया भी कुछ अलग ही इशारा कर रहा है।

 

 

आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त एएन त्रिपाठी पूरी घटना की जांच कराने का दम भर रहे हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही शराब कारोबारियों से लेकर पुलिस महकमे में अचानक ही पैदा हुई मानवीयता के बारे कुछ नहीं बता पातें। हालांकि वह स्वंय देवा के मुनिया पुरवा पहुंचे थे। पूरे महकमे कर्मचारी उन घरों में पहुंच रहे थे, जहां जहरीली शराब (स्प्रिट) से बनी शराब के कारण मौत हुई थी।

अत्येंष्टि के लिए पूरी मदद की जा रही थी और सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया जा रहा था। मौत के लिए जिम्मेदार शराब कारोबारी भी इस काम में तन-मन-धन से लगे थे और मकसद बस इतना थी कि कारण सामने न आ सकें।

 

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