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गंदा है, लेकिन मुनाफे का धंधा है

Lucknow | 12-Sep-2017 11:54:04 AM | Posted by - Admin

  • कानपुर के संस्थान की जांच में सत्तर फीसद सरसों के तेल में मिलावटी
  • पालीमेयर व केमिकल की मिक्सिंग कर रही बीमार

   
Case of Adulteration in Mustard Oil

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

    

सरसों के तेल में राइस ब्रान आयल (चावल भूसी का तेल) व पाम आयल की मिक्सिंग से तैयार हो रहे खाद्य तेल प्रदेश में लीवर व कैंसर रोग बांट रहे हैं, मगर जिम्मेदार विभागों के पास इनकी गुणवत्ता को चेक करने की फुर्सत तक नहीं है। जांच कभी होती है तो कमी पैकिंग में निकाल कर खानापूर्ति कर ली जाती है। अन्यथा तेलों की गुणवत्ता की जांच कभी निष्पक्ष नहीं हो जाती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की कलई कानपुर स्थित एचबीटीआई कालेज में हुए शोध में खुल गई है।

इस शोध में कानपुर में बिक रहे सत्तर फीसद सरसों के तेलों को मानक पर खरा नहीं पाया। अब यह जांच रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय भेज दी गई है लेकिन रिपोर्ट पहुंचने के करीब एक हफ्ते बाद भी फिलहाल इसकी जांच शुरु नहीं हो पाई है।

 

 

दरअसल खाद्य तेलों में मोटे मुनाफे के चलते इस कारोबार ने सिंडीकेट का रूप ले लिया है। राजस्थान–आगरा से सरसों के तेल कंटेनर मंगाकर यहां पर कारोबारी धड़ल्ले से उनकी अलग- अलग नाम से पैकिंग कर रहे हैं। खास बात यह है कि मिक्सिंग का तेल तैयार करने के लिए कानून कारोबारी को सरसों के तेल या राइस ब्रान में किसी एक का उत्पादक होना अनिवार्य होता है लेकिन यहां पर ऐसा कहीं नहीं है। केवल सरसों के तेल व राइस ब्रान व पाम आयल को मिलकर उनसे तेल तैयार होता है। मिलावट व गुणवत्ता के आधार पर ही उनके दाम तय होते हैं और फिर उसे बाजारों में भेज दिया जाता है। इन तेलों में बढ़िया मुनाफा होने के कारण फुटकर कारोबारियों की इनकी मांग भी बनी रहती है।

 

 

दर्जन भर कारोबारी कर रहे हैं गोरखधंधा

राजधानी में करीब एक दर्जन कारोबारी इस मिलावटी तेल के गोरखधंधे में शामिल हैं। इनके यहां पर एक ही तेल को कई नामों से पैक किया जाता है। उन पर अलग-अलग लेवलिंग की जाती है। केवल इतना ही नहीं, तेलों की पैकिंग पुराने टिन (कनस्तरों) में की जाती है। केवल पुराने टिन की सफाई व उस पर पेंट करा दिया जाता है, जबकि यह कानूनी अपराध है लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह कारोबार धड़ल्ले से फलफूल रहा है। रकाबगंज, बुद्धेश्वर चौराहा, सिटी स्टेशन व सीतापुर रोड पर कई स्थानों पर इसी तरह से मिक्सिंग का तेल तैयार किया जा रहा है।

 

 

 

"एचबीटीआई की रिपोर्ट मिल चुकी है। इसमें जो सामने आया है, वह गंभीर है और इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।"

विवेक श्रीवास्तव

सिटी मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

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