Home Lucknow News Cabinet Minister Swami Prasad Maurya Told The BSP Supremo Tenure Good

बीजेपी ने चुनाव लड़ने के लिए करोड़ों रुपये दिए- कांग्रेस

हिमाचल के किन्नौर में भूकंप के झटके, तीव्रता 4.1

कुमारस्वामी से मुलाकात के बाद तय होगी आगे की रणनीतिः गुलाम नबी आजाद

गहलोत और वेणुगोपाल ने राहुल को कर्नाटक के ताजा हालात की जानकारी दी

कर्नाटक चुनाव में भाजपा ने 6000 करोड़ रुपये खर्च किए- आनंद शर्मा

एक और अपने ने बदला सुर

Lucknow | Last Updated : Apr 19, 2018 06:39 AM IST
  • कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा सुप्रीमो के कार्यकाल को बताया अच्छा

  • बदले सुरों से भाजपा में बढ़ी बेचैनी


Cabinet Minister Swami Prasad Maurya Told the BSP Supremo Tenure Good


दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

दूसरे दलों से आकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नेताओं के बदलते सुर भारतीय जनता पार्टी के लिए बेचैनी बढ़ा रहे हैं। मंत्री ओम प्रकाश राजभर, सांसद सावित्री बाई फुले व अन्य विधायकों के बाद बहुजन समाज पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा सुप्रीमो मायावती के बतौर मुख्यमंत्री को कहीं बेहतर बताया है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश में कबीना मंत्री के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी में चल रही उठापटक फिर सामने आ गई है। यही नहीं, कबीना मंत्री के इस बयाने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी में दूसरे दलों को छोड़ कर पार्टी में शामिल होने वाली लंबी फेरहिस्त है। पार्टी का आला नेतृत्व सत्ता की खातिर अब किसी भी तरह के लोगों को अपने पक्ष में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यही नहीं, एमएलसी चुनाव में जिस तरह से दूसरे दलों से आए विधान परिषद भेजा जा रहा है, उससे भाजपा की रणनीति भी काफी हद तक सामने हैं। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल की प्रशंसा किया जाना, इस बात का इशारा है कि सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। इसकी वजह भी है।

प्रदेश में भाजपा सरकार को अभी साल भर पूरा हुआ है, लेकिन इस दौरान पार्टी अपने मूल स्वरूप से बदली दिख रही है। पार्टी में दूसरे दलों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है और ऐसे में तमाम मंत्रियों को अफसरों का सहयोग नहीं मिल रहा है। इस कारण से उनका फ्रस्टेशन बढ़ रहा है। इसके पहले ओम प्रकाश राजभर, आजमगढ़ से विधायक रमाकांत यादव और सांसद सावित्री बाई फुले सरकार व अधिकारियों के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।

 

 

अब स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा इस तरह की बात किए जाने के बाद सियासत गर्म हो गई है। जबकि भाजपा नेतृत्व अब दागी नेताओं के आगे नतमस्तक दिखाई दे रहा है। चाहे वह समाजवादी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व एमएलसी बुक्कल नवाब हों या फिर मेरठ की डा. सरोजनी अग्रवाल। भाजपा दूसरे दलों से आए इन नेताओं के जरिए अपने सियासी समीकरणों को मजबूत करने में लगी है, लेकिन वर्तमान हालात में यह कवायद फायदेमंद कम नुकसानदेह ज्यादा दिख रही है।

वहीं, राजनीति के जानकार इसे स्वामी प्रसाद मौर्य की महत्वाकांक्षा से भी जोड़ कर देखते हैं। जानकारों के मुताबिक सरकार में सत्ता के कई केंद्र हैं और अफसरशाह इन्हीं बदौलत अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। संगठन से लेकर सरकार तक में कई  लोगों की परिक्रमा हो रही है। इस कारण से दूसरे दलों से आए मंत्री भी उनके लिए दोयम दर्जे के हैं, लिहाजा मंत्रियों व पार्टी से जुड़े लोगों की दिक्कतें बढ़ रही है।

वैसे इसे गोरखपुर और फूलपुर में हुए उपचुनावों से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। यहां पर जिस तरह से पिछड़े –दलित वोट समाजवादी पार्टी की तरफ ट्रांसफर हुए, उससे भी कई नेताओं को अपनी जमीन पैरों तले निकलती दिख रही है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। वैसे भी स्वामी प्रसाद मौर्य के बारे में माना जाता है कि वह कभी लूज टाक नहीं करते हैं।

बसपा में भी सुप्रीमो मायावती के नजदीकी और विश्वासपात्रों में शुमार किए जाते थे। बदले समीकरणों में अब उनके बयानों घर वापसी की संभावनाएं तलाशने की कवायद होने से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।

21 को कांग्रेस को झटका देने की तैयारी

दूसरे दलों से आए नेताओं को तोड़ने में माहिर भारतीय जनता पार्टी के महारथी अब 21 अप्रैल को कांग्रेस को अमेठी-रायबरेली में झटका देने की तैयारी में है। दरअसल, 21 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अमेठी पहुंच रहे हैं। वहां पर वह सभा भी करेंगे। उनके इस दौरे में कई पुराने कांग्रेसियों के भाजपा में जाने की चर्चाएं भी गर्म हैं। इनमें एक ब्लाक प्रमुख के पूरे परिवार सहित भाजपा में शामिल होने की चर्चा गर्म है। उनके परिवार के कई सदस्य कांग्रेस में सक्रिय नेता रहे हैं। इसी तरह से रायबरेली से भी कुछ पुराने कांग्रेसियों के भाजपा में आने की संभावना जताई जा रही है।



" जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555 "


Loading...


Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


rising@8AM


Loading...