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गले की फांस बने 306 पंजीकृत आटो-टेंपो

Lucknow | Last Updated : Jan 11, 2018 03:27 PM IST
  • बिना परमिट पंजीकृत हैं 144 टेंपो व 162 आटो रिक्शा
  • घोटाले के आरोपी अधिकारी हो गए प्रोन्नत, वाहन बने मुसीबत
   
Auto and Rickshaw without Permit in Lucknow City

दि राइजिंग न्‍यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

राजधानी में परिवहन विभाग में पंजीकृत 306 वाहन महकमे के गले की फांस बन गए हैं। इन वाहनों को विभाग न परमिट दे सकता है न ही उनका दोबारा पंजीकरण किया जा सकता है। जबकि वाहन स्वामी लगातार वाहनों को पंजीकृत कराने के लिए मशक्कत कर रहे हैं लेकिन फिलवक्त अधिकारियों ने इससे हाथ खड़े कर दिए हैं। दरअसल, ये वे वाहन हैं जो करीब चार साल पहले आरटीओ दफ्तर में हुए घोटाले के कारण निकल आए थे।

खास बात यह है कि इस मामले मे प्रथमदृष्टया दोषी मिले आरटीओ को निलंबित भी किया गया लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से पूरे प्रकरण को दाखिल दफ्तर दिया गया। अधिकारी अब प्रोन्नति पाकर उप आयुक्त हो चुके हैं जबकि वाहन विभाग के लिए नासूर बन गए हैं।

 

 

दरअसल, पूरा मामला करीब पांच वर्ष पुराना है। ग्रामीण क्षेत्रों से परमिट जारी करने के नाम पर नियम विरुद्ध तरीके से वाहनों के परमिट जारी किए जाने का काम शुरू किया गया था। बाद में मामला खुलने पर तत्कालीन आरटीओ सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था। हालांकि इस दौरान सेंक्शन मिलने के बाद जिन लोगों ने वाहन खरीद लिए थे, उनके वाहन का पंजीकरण हो गया। परिवहन विभाग द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक 144 टेंपो तथा 162 आटो रिक्शा बिना परमिट के ही पंजीकृत हैं। कुछ लोग ट्रिब्यूनल व कोर्ट के निर्देश के सहारे वाहन पंजीकृत कराने में सफल हो गए, लेकिन उन्हें परमिट नहीं मिले।

 

 

यह वाहन तब से बिना परमिट ही संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों को दोबारा पंजीकृत कराने के लिए फिर मशक्कत शुरू हो गई लेकिन अधिकारी किसी कीमत पर इन्हें पंजीकृत करने को तैयार नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक जिस वक्त इन वाहनों का पंजीकरण हुआ था, उस समय किन आदेशों के तहत ऐसा हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। अब इनकी बावत सीधे मुख्यालय या न्यायालय अथवा ट्रिब्यूनल के आदेश आने पर ही इनका पंजीकरण किया जाएगा।

 

 

इसलिए भी है पेंच

परिवहन अधिकारियों के मुताबिक परमिट दिए जाने के लिए वाहनों को सीएनजी चालित कराने अथवा गैर जिलों में भेजने के लिए भी विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी की गईं लेकिन काफी लोग इसमें नहीं आएं। अब वहीं लोग जैसे तैसे इन वाहनों का पंजीकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं। मगर इन्हें पंजीकृत नहीं किया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह राजधानी में डीजल चालित वाहनों पर प्रतिबंध तथा केंद्रीय प्रदूषण आयोग की भूरे लाल कमेटी द्वारा संख्या निर्धारण को बताया जा रहा है।

 

 

"कुछ लोग दोबारा बिना परमिट वाले आटो रिक्शा–टेंपो का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। मगर ऐसे वाहनों का पंजीकरण नहीं किया जा सकता है। कारण है कि ऐसे वाहन स्वामियों को अपने वाहन नियमित करने के मौके दिए गए थे लेकिन उन्होंने उसका भी पालन नहीं किया। बिना परमिट वाहनों का पंजीकरण करने का सवाल नहीं उठता है। अब डीजल चालित आटो रिक्शा–टेंपो वाहनों का पंजीकरण भी प्रतिबंधित है।"

अशोक कुमार सिंह

संभागीय परिवहन अधिकारी 

 


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