Rajashree Production Declared New Project After Three Years of Prem Ratan Dhan Payo

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

दिवाली में दो दिन ही शेष हैं। बाजार में हर तरफ मिठाइयां सज चुकीं हैं, वो भी ऐसे जिन्हें देखते ही आपके मुंह में पानी आ जाए। पर क्या आपको मालूम है कि जो मिठाई आप अपने घर ला रहे हैं या दोस्तों को गिफ्ट कर रहे हैं उससे आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जी हां, दरअसल त्योहारों के सीजन में मावा की डिमांड बहुत ज्यादा होती है। ये ही वो समय है जब मावे और मिठाइयों में मिलावट का कारोबार अपनी ऊचाईयां छूने लगता है।

ऐसे करें मावे (खोया) में मिलावट की पहचान

  • मावा लेते समय उसे थोड़ा सा अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें और कुछ देर बाद चेंक करें। अगर मावा असली होगा तो इसकी महक काफी देर तक आती रहेगी।

  • मावा को टेस्ट करके भी चेक कर सकते हैं। इसके लिए मावा खरीदते समय थोड़ा सा पहले चखें। अगर इसका स्वाद कसैला इसका मतलब साफ है कि इसमें मिलावट है।

  • थोड़ा सा मावा हाथ में लेकर इसकी गोली बना लें। अगर ये गोली फटने लगे तो इसका मतलब साफ है कि ये नकली है। इतना ही नहीं मावे को हाथ में लेते हुए अगर आपको चिकनापन न लगे, तो यह भी इस बात का इशारा है कि यह नकली है।

  • मावे को चेक करने का एक तरीका यह है कि एक बर्तन में थोड़ा-सा पानी डालकर गर्म करें। गर्म होने के बाद उसमें टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदे डालें। अगर मावा मिलावटी होगा तो उसका रंग तभी बदलकर नीला हो जाएगा। अगर रंग नहीं बदलता मतलब आपका मावा असली है।

हो सकता है कैंसर

आपको बता दें, मिलावटी मावा को तैयार करने के लिए सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल किया जाता है। मिलावटी मावे के सेवन से कैंसर होने का डर रहता है। इतना ही नहीं नकली मावा के सेवन से लीवर में सूजन और आंतों में संक्रमण होने का डर भी बढ़ जाता है।

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